शेख़ नसीम
भोपाल / बिजली विभाग नित नए कारनामो को अंजाम दे रहा है कभी स्मार्ट-मीटर ज़बरदस्ती जनता पे थोप रहा है कभी भारी-भरकम बिजली के बिल उपभोक्ताओं के घर भेज रहा है और अब विजिलेंस राशि के नाम पर उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा हमला बोला जा रहा है बिजली विभाग में भारी अनिमितताए जारी है 5 साल पुराने 4 साल पुराने 3 साल पुराने बगैर सूचना और नोटिस के चालानी कार्यवाही करके विजिलेंस राशि जो 60 हज़ार 50 हज़ार 40 हज़ार 30 हज़ार दर्शाई जा रही है उक्त राशि को नए बिजली के बिल में एड करके बिजली उपभोक्ताओं की जेब पर डाका डाला जा रहा है ये बिजली विभाग का कैसा नियम है 4-5 साल पुराने चालान को अब सालों बाद वसूला जा रहा है जिसकी ना सूचना दी गई और ना नोटिस दिया गया अगर बिजली विभाग को चालानी कार्यवाही की राशि वसूलना थी तो 1 हफ्ते में 15 दिन में 1 महीने में या फिर 3 महीने के अंदर वसूलते लेकिन बिजली विभाग की आँख तो 5 साल के बाद खुली है अब ताबड़तोड़ उपभोक्ताओं से विजिलेंस राशि वसूलने के लिए उन पर दवाब और कार्यवाही का डर दिखाकर राशि वसूली जा रही है जो बिजली उपभोक्ताओं के साथ सरासर अन्याय है इस महंगाई के दौर में जहाँ हर चीज़ महँगी है रसोई-गैस, स्कूल की फीस, टयूशन की फीस, दवाएं, रेल और बस का किराया, मकान का किराया, खाद्यान्न पदार्थ, शादी, सम्पत्ति-कर, जल-कर, बिजली के बिल जैसी ज़रूरी चीज़ों को भरने में आम आदमी और गरीब आदमी की कमर टूट गई है उस पर हज़ारों की तादाद में बिजली विभाग की तरफ से वसूली जा रही विजिलेंस राशि को एक साधारण और गरीब आदमी कहाँ से भरेगा। सरकार इस विषय पर निष्पक्ष जाँच करवाकर इसमें संलिप्त दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही करें और उपभोक्ताओं की विजिलेंस राशि को समाप्त किया जाए।






