जिला ब्यूरो इक़बाल खत्री
खरगोन। जिले की भगवानपुरा तहसील के छोटे से सुदूरवर्ती गांव देजला में रहने वाले कृष्णा को बचपन से ही हृदय की गंभीर समस्या थी। वह अक्सर थक जाता था और उसका चेहरा नीला पड़ जाता था। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण महंगा इलाज करवाना लगभग असंभव था, माता-पिता घबराकर कभी डॉक्टर, तो कभी पूजा-पाठ व मन्नत का सहारा लेते। लेकिन एक दिन गाँव के सरकारी स्कूल में हुई राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) की जाँच ने इस परिवार की तकदीर बदल दी।
RBSK की टीम ने डॉ. किशोर राठौड़ और डॉ. मयूरी गुप्ता के नेतृत्व में कृष्णा की समस्या को समय रहते पहचाना और तत्काल जिला अस्पताल, खरगोन में इलाज के लिए रेफर किया। इसके बाद जो यात्रा शुरू हुई, वह केवल इलाज की नहीं थी, बल्कि विश्वास, समन्वय और सरकारी योजनाओं की शक्ति की मिसाल बन गई।
यहां से कृष्णा को इंदौर रेफर किया गया, जहां दो अस्पतालों में जांच के बाद स्थिति अत्यंत जटिल पाई गई। तब परिजन डीईआईसी मैनेजर विनोद पंवार से मिले, जिन्होंने मुंबई के SRCC चिल्ड्रेन्स हॉस्पिटल (नारायणा अस्पताल) में रेफरल प्रक्रिया पूरी की।
SRCC चिल्ड्रेन्स हॉस्पिटल के पीडियाट्रिक कार्डियक ने जाँच करने के बाद बताया कि कृष्णा को हृदय की एक जटिल जन्मजात विकृति थी, जिसमें हृदय की संरचना सामान्य नहीं थी और शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह रुक रहा था। समय पर दो चरणों में सर्जरी करने की सलाह दी गई। मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना के तहत कृष्णा का पहला ऑपरेशन Right Bidirectional Glenn, MPA Banding, Left SVC Collateral Ligation 24 अक्टूबर 2020 को सफलतापूर्वक हुआ।
इसके बाद, आयुष्मान योजना के तहत दूसरा ऑपरेशन TCPC (Complete Fontan) 04 अगस्त 2025 को SRCC चिल्ड्रेन्स हॉस्पिटल के पीडियाट्रिक कार्डियक सर्जन डॉ. प्रदीप कौशिक, डॉ. कृष्णेंदु मैती, डॉ. सुप्रितम सेन द्वारा सफलतापूर्वक किया गया।
आज कृष्णा स्वस्थ है और अपने परिवार के साथ खुशहाल जीवन जी रहा है। कृष्णा के पिता मुकेश नार्वे ने आभार मानते हुए कहा कि ‘‘हमारी आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण हम कभी सोच भी नहीं सकते थे कि हमारे बेटे का इतना महंगा इलाज संभव होगा। अगर सरकारी योजनाएं, डॉक्टरों की तत्परता और स्वास्थ्य विभाग की मदद नहीं होती, तो हम अपने बेटे का इलाज कभी नहीं करवा पाते।’’
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मोहन सिंह सिसोदिया ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं और कलेक्टर सुश्री भव्या मित्तल के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग यह सुनिश्चित कर रहा है कि सरकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे।
नोडल अधिकारी डॉ. संजय भट्ट ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग जनता के हित में निरंतर प्रयासरत है। आरबीएसके टीमों के माध्यम से जन्मजात विकृति वाले बच्चों की पहचान कर उन्हें समय पर निःशुल्क उपचार दिलाया जा रहा है। हमारा संकल्प है कि कोई बच्चा आर्थिक तंगी के कारण उपचार से वंचित न रहे।
आपके गाँव में भी हो सकती है ऐसी जीवन रक्षक पहल। यदि आपके क्षेत्र में भी कोर्ड बच्चा जन्मजात या गंभीर बीमारी से पीड़़ित है, तो नजदीकी आंगनवाड़ी, स्कूल या स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। आरबीएसके टीम, डीईआईसी और सरकारी योजनाएं हर ज़रूरतमंद तक पहुंचने के लिए तत्पर हैं।






