जिला संवाददाता : दिलीप पाटीदार राजगढ़
कुल वजन 3,695 किलोग्राम अनुमानित कीमत ₹4.43 करोड़
राजगढ़। धार जिले के राजगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम चौबारा के वन क्षेत्र में पुलिस ने गांजे की अवैध खेती का पर्दाफाश करते हुए 3,345 पौधे जब्त किए हैं। जब्त पौधों का कुल वजन 3,695 किलोग्राम बताया गया है, जबकि इनकी अनुमानित कीमत 4 करोड़ 43 लाख रुपए आंकी गई है। मामले में आरोपी राजू पिता डूंगर सिंह भूरिया के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। आरोपी फिलहाल फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
पुलिस के अनुसार, पुलिस महानिदेशक मध्यप्रदेश कैलाश मकवाना के निर्देशन में चलाए जा रहे नशामुक्ति अभियान के तहत मादक पदार्थों की अवैध खेती और तस्करी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक धार सचिन शर्मा के मार्गदर्शन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पारुल बेलापूरकर और एसडीओपी सरदारपुर विश्वदीप सिंह परिहार के नेतृत्व में राजगढ़ पुलिस ने 13 अक्टूबर 2026 को ग्राम चौबारा के वन क्षेत्र में कार्रवाई की।
थाना प्रभारी समीर पाटीदार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने धार-झाबुआ जिले के सीमावर्ती वन क्षेत्र में लगातार दो दिनों तक दिन-रात सर्चिंग की। इस दौरान वन क्षेत्र में अवैध रूप से उगाए गए गांजे के पौधों की पहचान कर उन्हें जब्त किया गया। पुलिस के मुताबिक, जब्त पौधों का वजन करीब 37 क्विंटल है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपी ने वन क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति का लाभ उठाकर कपास और तुवर की फसल के बीच तथा निचले स्थानों पर गांजे की खेती की थी। वन क्षेत्र में अतिक्रमण कर अवैध खेती किए जाने की आशंका को देखते हुए पुलिस विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है। फरार आरोपी की तलाश के साथ ही उसके संभावित सहयोगियों, रिश्तेदारों तथा मादक पदार्थों के उत्पादन और तस्करी से जुड़े नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आने पर उनके विरुद्ध भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
उक्त कार्रवाई में थाना प्रभारी राजगढ़ श्री समीर पाटीदार, उप निरीक्षक निहाल सिंह दंडोतिया, चौकी प्रभारी तिरला, सहायक उप निरीक्षक जितेंद्र सांखला एवं सैयद अहमद, प्रधान आरक्षक विपिन कटारा एवं रामकरण चौहान, आरक्षक अंकित रघुवंशी, राकेश बघेल, दिलीप डुडवे, राकेश सिंगार एवं जयेंद्र जादौन तथा सैनिक रतन डिंडोर एवं जगदीश कच्छावा की सराहनीय भूमिका रही।





