शेख़ नसीम। भोपाल। ईद-मिलादुन्नबी के मौके पर महिलाओं द्वारा तलवारबाजी की कला के प्रदर्शन को ‘नाच’ और ‘डांस’ बताए जाने को लेकर भोपाल शहर मुफ़्ती अब्दुल कलाम कासमी का बयान इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। मुफ़्ती के बयान को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग उनके बयान का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कई लोग इसकी कड़ी आलोचना कर रहे हैं।
शहर मुफ़्ती अब्दुल कलाम कासमी ने मीडिया को दिए बयान में कहा था कि, “हमारी बहन-बेटियां अखाड़े में तलवारबाजी का हुनर पेश नहीं कर रही थीं, वो डांस कर रही थीं। ये अखाड़ा नहीं बल्कि डांस था। क्या इससे हमारे नबी खुश होंगे? मुझे तो डर है कहीं अल्लाह का अज़ाब नाजिल न हो जाए।”
मुफ़्ती के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ यूजर्स ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब कज़ियात परिसर में ढोल-नगाड़े बजाकर जन्मदिन मनाया जाता है, तब इस तरह की गतिविधियों पर आपत्ति क्यों नहीं जताई जाती। वहीं कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि कौम के दूसरे महत्वपूर्ण मसलों पर मुफ़्ती की और से उतनी मुखरता नहीं दिखाई जाती।
एक यूजर ने टिप्पणी करते हुए कहा कि जब पैगंबर मोहम्मद साहब की शान में जानबूझकर गुस्ताखी की जाती है, तब भी ऐसी सख्त प्रतिक्रिया क्यों नहीं दिखाई जाती। वहीं एक अन्य यूजर ने राजनीतिक नेताओं की तारीफ और उनके लिए दुआ करने को लेकर सवाल खड़े किए और पूछा कि उस समय शरीयत के मानदंड कहां चले जाते हैं।
कुछ लोगों ने मुफ़्ती के बयान को महिलाओं की तलवारबाजी की कला को गलत तरीके से पेश करने वाला बताया। उनका कहना है कि तलवारबाजी और डांस में अंतर समझना चाहिए। तलवारबाजी एक पारंपरिक कला के साथ-साथ आत्मरक्षा का हुनर भी है। सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने कहा कि मुस्लिम महिलाएं हिजाब में तलवारबाजी का प्रदर्शन कर रही थीं और इसे डांस कहना उचित नहीं है।
वहीं इस मामले में बहुसंख्यक समाज से जुड़े कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने भी शहर मुफ़्ती अब्दुल कलाम कासमी के बयान को गलत बताते हुए कहा कि महिलाओं ने मेहनत और अभ्यास के जरिए जिस कला का प्रदर्शन किया, उसे ‘डांस’ कहना उचित नहीं है।
फिलहाल मुफ़्ती के बयान और उसके बाद सामने आई प्रतिक्रियाओं को लेकर सोशल मीडिया पर बहस जारी है। मामले ने धार्मिक मान्यताओं, पारंपरिक कला और महिलाओं की आत्मरक्षा जैसे मुद्दों को भी चर्चा के केंद्र में ला दिया है।





