सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण से शिक्षा रूचिकर हो जाती है – पाठक
धार ब्यूरो चीफ इकबाल खत्री
कुक्षी – उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम केवल विद्यालय की पहचान नहीं होते अपितु विद्यार्थियों के भविष्य की मजबूत बुनियाद खड़ी करते हैं । प्राचार्य अपनी समर्पित और लगनशील कार्यशैली से विद्यालय में अनुशासित व्यवस्था के बल पर असंभव को भी संभव बनाने का सामर्थ्य रखते हैं । विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति , शिक्षकों के नियमित कालांश में जाने , मासिक प्रगति रिपोर्ट तथा प्राचार्य की सतत मॉनिटरिंग के द्वारा संस्था का परिणाम बेहतर लाया जा सकता है । उक्त विचार शैक्षणिक परिदृश्य को सुदृढ़ बनाने के लिए एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय कुक्षी में चार विकासखंडों के लिए आयोजित समीक्षा बैठक में जनजातीय कार्य विभाग धार के सहायक आयुक्त नरोत्तम बरकड़े ने व्यक्त किए । आपने बोर्ड परीक्षा परिणाम की समीक्षा करते हुए शैक्षणिक गुणवत्ता को बेहतर बनाने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिए । इस अवसर पर सहायक संचालक आनन्द कुमार पाठक ने कहा कि बेहतर परीक्षा परिणाम शिक्षकों के प्रयास मात्र से ही नहीं प्राचार्य के कुशल नेतृत्व , सतत निगरानी तथा विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति से संभव होते हैं । आपने कहा कि अपेक्षानुरूप परीक्षा परिणाम न होने वाली संस्थाओं के प्राचार्यों को अपनी कार्यशैली में बदलाव करने , शिक्षकों की नियमित मॉनिटरिंग तथा विद्यार्थियों की नियमितता के साथ नियमित कक्षा अध्यापन पर ध्यान देने की आवश्यकता है ।
शत- प्रतिशत परिणाम देने वाली संस्था के प्राचार्य हुए सम्मानित
कुक्षी सहित बाग , डही , निसरपुर विकासखंड की इस समीक्षा बैठक में प्राचार्य इएमआरएस कुक्षी विजय कुमार साहू , कुक्षी , डही व बाग के विकासखंड शिक्षा अधिकारी राजेश कुमार सिन्हा , अनिल मारू तथा डी. एस. बघेल की उपस्थिति में निसरपुर की 4 , कुक्षी की 2 तथा डही की एक संस्था के प्राचार्यों को शत प्रतिशत परीक्षा परिणाम देने पर प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिह्न भेंट सहायक आयुक्त द्वारा सम्मानित किया गया । बैठक में निर्देशित किया गया कि प्राचार्य अपने स्टॉफ तथा विद्यार्थियों से समय – समय पर संवाद करते रहें। विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने हेतु कार्ययोजना बनाकर विद्यार्थियों को शिक्षा की मुख्य धारा से पुनः जोड़ें । नवीन शैक्षणिक सत्र में बेहतर और उत्तरोत्तर परीक्षा परिणाम प्राप्त हो सके इस हेतु सत्र के प्रारंभ से ही कार्ययोजना बनाकर उसे मूर्त रूप देवें । जल गंगा संवर्द्धन के तहत पानी की टंकियों की नियमित सफाई करवाएं , वृक्षारोपण हेतु पूर्व तैयारी करें । टायलेट की मरम्मत के प्रस्ताव हो तो भिजवाएं । एसएमडीसी की नियमित बैठक लेवें , आवश्यक विषयों के ठहराव प्रस्ताव करें तथा एसएमडीसी में प्राप्त राशि का मदवार खर्च हेतु प्रशासकीय अनुमति प्राप्त करें । वर्षा ऋतु के पूर्व संस्था की छत की सफाई करवाएं ।





