टीएल बैठक में सख्त निर्देश: शिकायतों का निराकरण केवल कागजों पर नहीं, गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए
इंदौर, 16 फरवरी 2026। कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में सोमवार को समय-सीमा के पत्रों के निराकरण (टीएल) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सुशासन निर्देशों का हवाला देते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि सीएम हेल्पलाइन और जनहितकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निराकरण में देरी और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
रैंडम चेकिंग में पकड़ी गई लापरवाही
बैठक के दौरान कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों की रैंडम रूप से खुद समीक्षा की। इस दौरान 5 विशिष्ट प्रकरणों में अत्यधिक देरी और गैर-जिम्मेदाराना रवैया पाए जाने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध तत्काल पेनल्टी (जुर्माना) लगाने के आदेश दिए। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि अधिकारी प्रकरणों को केवल बंद करने की औपचारिकता न करें, बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या का धरातल पर समाधान सुनिश्चित करें।
‘संकल्प से समाधान’ अभियान पर जोर
कलेक्टर ने ‘संकल्प से समाधान’ अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत से लेकर नगर निगम स्तर तक लगाए जा रहे शिविरों का उद्देश्य हर पात्र व्यक्ति को लाभ पहुंचाना है।
- प्रचार-प्रसार: सरकारी योजनाओं की जानकारी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाई जाए।
- त्वरित लाभ: शिविरों में प्राप्त आवेदनों का उसी समय निराकरण कर पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाए।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
समीक्षा बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सिद्धार्थ जैन, एमपीआईडीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हिमांशु प्रजापति, अपर आयुक्त नगर निगम आकाश सिंह, अपर कलेक्टर रोशन राय तथा रिंकेश वैश्य सहित अन्य विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे।





