बिलाल खत्री
दिल्ली-एनसीआर के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट ग्रेटर नोएडा में आयोजित 60वें इंडियन हैंडीक्राफ्ट्स एंड गिफ्ट्स दिल्ली फेयर 2025 में भारत की पारंपरिक कला और हस्तशिल्प की झलक ने सबका मन मोह लिया। इस अंतरराष्ट्रीय मेले में देश-विदेश से आए हजारों खरीदारों, डिजाइनरों और व्यवसायियों के बीच मध्य प्रदेश के बाग प्रिंट के ख्यातनाम कारीगर मोहम्मद आरिफ खत्री का प्रदर्शन आकर्षण का मुख्य केंद्र बना रहा। यह फेयर एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट्स (EPCH) द्वारा आयोजित किया गया। और यह दुनिया के सबसे बड़े B2B (बिजनेस-टू-बिजनेस) ट्रेड फेयर्स में से एक है।
आरिफ खत्री ने अपने स्टॉल पर पारंपरिक बाग प्रिंट की अद्भुत बारीकियों और प्राकृतिक रंगों की तकनीक को देशी और विदेशी मेहमानों के सामने प्रस्तुत किया। उन्होंने लाइव डेमो के माध्यम से दर्शकों को दिखाया कि कैसे कपड़े पर लकड़ी के ब्लॉकों से बाग प्रिंट की अनूठी छपाई की जाती है। कई विदेशी प्रतिनिधि उनके पास रुककर बाग प्रिंट के इतिहास, प्रक्रिया और उसके पर्यावरण-अनुकूल स्वरूप के बारे में विस्तार से जानकारी लेते नजर आए। इस मौके पर आरिफ खत्री ने कहा कि बाग प्रिंट सिर्फ एक कला नहीं, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक धरोहर है, जिसे आज भी प्राकृतिक रंगों और पारंपरिक तरीकों से जिंदा रखा गया है।
इंडियन हैंडीक्राफ्ट्स एंड गिफ्ट्स दिल्ली फेयर का आयोजन 13 से 17 अक्टूबर 2025 तक किया गया, जिसमें करीब 3,000 से अधिक भारतीय निर्माता और निर्यातक शामिल हुए। इस पांच दिवसीय मेले में 110 से अधिक देशों के खरीदारों ने भाग लिया, जिनमें अमेरिका, फ्रांस, स्पेन, जापान, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी और यूके जैसे प्रमुख देशों के आयातक शामिल थे।
आरिफ खत्री ने बाग प्रिंट के माध्यम से भारतीय कपड़ा कला को न केवल प्रदर्शित किया बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी पहचान को और मजबूत किया। यह कला पीढ़ियों से उनके परिवार में चली आ रही है, और अब उन्होंने इसमें नए प्रयोग कर इसे आधुनिक बाजार के अनुरूप ढालने का प्रयास किया है।
प्रदर्शनी के दौरान कई विदेशी खरीदारों ने उनके उत्पादों में गहरी रुचि दिखाई और बाग प्रिंट को वैश्विक बाजार में आगे बढ़ाने के लिए सहयोग की इच्छा जताई।
बाग प्रिंट, जिसे भारत सरकार द्वारा जीआई टैग (Geographical Indication Tag) प्राप्त है, मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान बन चुका है। यह कला न केवल पर्यावरण-अनुकूल है, बल्कि भारत के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान की सच्ची मिसाल भी है। इस प्रिंट की विशेषता है कि इसमें उपयोग किए जाने वाले सारे रंग पूरी तरह प्राकृतिक स्रोतों से तैयार किए जाते हैं। यह कला ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP)’ योजना के तहत धार जिले के प्रतिनिधि उत्पाद के रूप में भी शामिल है।






