खरगोन जिला ब्यूरो इक़बाल खत्री
खरगोन । प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मंडलेश्वर अखिलेश जोशी के मार्गदर्शन में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रीति जैन एवं जिला विधिक सहायता अधिकारी चंद्रेश मंडलोई द्वारा वन स्टॉप सेंटर खरगोन एवं जिला जेल खरगोन में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन एवं जेल निरीक्षण किया गया। शिविर में प्रीति जैन ने कहा कि भारतीय संविधान में प्रदत्त मूल अधिकारों के संरक्षण के लिए महिलाओं के लिए कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिशोध और प्रतितोष) अधिनियम, 2013 बनाया गया है। कार्यस्थल में काम करने वाली महिलाओं के साथ लैंगिक उत्पीड़न होता है तो वे आंतरिक परिवाद समिति में शिकायत कर सकती हैं। समिति जांच के बाद कार्यवाही कर सकती है। नालसा की निःशुल्क विधिक सलाह/सहायता योजना के बारे में जानकारी दी गई तथा नालसा की आशा यूनिट योजना के अंतर्गत बाल विवाह मुक्त अभियान के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। जिला विधिक सहायता अधिकारी चंद्रेश मंडलोई ने महिलाओं के अधिकारों एवं नालसा की हेल्पलाइन नंबर 15100 आदि कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी।

जेल बंदियों को कानूनी अधिकारों की दी जानकारी
न्यायाधीश प्रीति जैन द्वारा जिला जेल खरगोन में जेल बंदियों के लिए आयोजित विधिक साक्षरता शिविर एवं निरीक्षण के दौरान बंदियों को कानून संबंधी जानकारी देते हुए प्लेबारगेनिंग एवं उनके अधिकारों के बारे में बताया। उन्होंने बंदियों से उनके अधिवक्ता है अथवा नहीं की जानकारी ली तथा जिनके अधिवक्ता नहीं हैं, वे विधिक सहायता से निःशुल्क अधिवक्ता ले सकते हैं। उन्होंने बंदियों की अपीलों के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि बंदी अपनी अपील हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट तक कर सकता है। साथ ही जमानत के लिए भी आवेदन लगा सकता है। वह चाहे तो विधिक सहायता के माध्यम से भी आवेदन एवं अपील कर सकता है। इसके साथ ही उन्होंने बंदियों की समस्याएं सुनी एवं उनकी समस्याओं को नोट किया तथा निवारण के लिए आश्वासन दिया। इस दौरान उन्होंने बंदियों को उनके बैरकों में रहने, खाने एवं स्वास्थ्य के संबंध में जानकारी ली। जिला विधिक सहायता अधिकारी चंद्रेश मंडलोई द्वारा बंदियों को उनके अधिकारों के बारे में जानकारी दी गई एवं जेल निरीक्षण किया गया।





