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जमाखोरों पर शिकंजा: खाद्य सचिव बोले- खाद्य तेल और तिलहनों की जमाखोरी रोकने के लिए सरकार ने शुरू किया निरीक्षण अभियान

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देश में खाद्य तेलों की बढ़ती कीमतों को रोकने के लिए सरकार ने तेल-तिलहनों की जमाखोरी एवं कालाबाजारी पर शिकंजा कसने के लिए निगरानी अभियान शुरू किया है। सरकार ने सोमवार को कहा कि खाद्य तेलों की बढ़ती कीमतों को रोकने और उनकी उपलब्धता बढ़ाने के मकसद से खाद्य तेलों और तिलहनों की जमाखोरी और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए एक निरीक्षण अभियान शुरू किया है।
देश खाद्य तेलों की अपनी लगभग 60 प्रतिशत घरेलू मांग को पूरा करने के लिए आयात पर निर्भर है। वैश्विक राजनीतिक अस्थिरता के कारण पिछले कुछ महीनों में विभिन्न प्रकार के खाना पकाने के तेलों की खुदरा कीमतों में भारी तेजी देखी गई है। सरकार के विभिन्न उपायों के बावजूद कीमतों में तेजी बनी हुई है।
जमाखोरी और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए निरीक्षण अभियान शुरू
खाद्य सचिव सुधांशु पांडेय ने बताया, ‘‘सरकार ने कई उपाय किए हैं। हालिया कदम यह है कि हमने खाद्य तेलों और तिलहनों की जमाखोरी और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए एक अप्रैल से निरीक्षण अभियान शुरू किया है।’’ पांडेय ने कहा कि राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ एक केंद्रीय टीम विभिन्न तिलहन और खाद्य तेल उत्पादक राज्यों में निरीक्षण कर रही है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्यों में अब निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में इस अभियान को और तेज किया जाएगा। अन्य उपायों के बारे में सचिव ने कहा कि सरकार पहले ही खाद्य तेलों पर आयात शुल्क में कटौती कर चुकी है, स्टॉक रखने की सीमा बढ़ा दी गई है और निजी व्यापारियों के माध्यम से आयात की सुविधा के अलावा बंदरगाहों पर जहाजों की शीघ्र निकासी सुनिश्चित की जा रही है। स्टॉक लिमिट ऑर्डर को लागू करने के लिए आठ केंद्रीय टीमों को सख्त अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिनियुक्त किया गया है।
इसके अलावा केंद्र सरकार, राज्यों के साथ नियमित बैठकें कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि खुदरा विक्रेताओं द्वारा निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) का अनुपालन किया जाए। सूरजमुखी के तेल के मामले में सचिव ने कहा कि रूस और यूक्रेन इसके दो प्रमुख आपूर्तिकर्ता देश हैं, और निजी व्यापारी अन्य देशों से खाद्य तेल खरीदने के लिए प्रयास कर रहे हैं, लेकिन यह बहुत कम मात्रा में होगा।
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन महीनों में सोयाबीन तेल, सूरजमुखी तेल और पाम तेल की औसत खुदरा कीमतों में तेजी से उछाल आया है। इस साल एक जनवरी को 161.71 रुपये प्रति किलोग्राम की तुलना में चार अप्रैल को सूरजमुखी तेल की औसत खुदरा कीमत 184.58 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई।
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