जिला संवाददाता : दिलीप पाटीदार बड़ोदिया ( सरदारपुर )
सरकारी घोषणाएं कागजों तक सीमित, जमीनी हकीकत में सड़क की हालत बदहाल
सरदारपुर। सरदारपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बड़ोदिया फाटे से बिछीया तक महज दो किलोमीटर सड़क बदहाली की तस्वीर बनी हुई है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे राहगीरों के लिए मुसीबत बने हैं। ग्रामीणों को रोजाना इसी जर्जर मार्ग से होकर गुजरना पड़ रहा है, लेकिन जिम्मेदारों की चुप्पी बरकरार है।
हैरानी की बात यह है कि सड़क की लंबाई महज दो किलोमीटर है, फिर भी न संबंधित विभाग इसकी सुध ले रहा है और न ही जनप्रतिनिधियों को ग्रामीणों की परेशानी दिखाई दे रही है। सड़क की हालत देखकर सरकार के ग्रामीण सड़क विकास के दावे भी सवालों के घेरे में हैं।
घोषणा बड़ी, हकीकत बदहाल
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की घोषणाएं कागजों पर तो दिखाई देती हैं, लेकिन जमीन पर उनका असर नजर नहीं आता। सड़क की हालत लगातार खराब होती जा रही है, इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
सड़क की बदहाली को लेकर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की चुप्पी भी ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय विकास और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव के बाद उन्हीं समस्याओं की ओर ध्यान देने वाला कोई नजर नहीं आता।
ग्रामीणों ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब सरकार हर गांव को मुख्य सड़क से जोड़ने की बात कर रही है, तो बड़ोदिया फाटे से बिछीया तक सड़क की यह स्थिति क्यों बनी हुई है? आखिर जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधि इस मार्ग की सुध कब लेंगे?
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मौके पर पहुंचकर सड़क की वास्तविक स्थिति देखी जाए और जल्द से जल्द स्थायी निर्माण कार्य कराया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि अब उन्हें घोषणा नहीं, बल्कि सड़क पर धरातल में काम चाहिए।






