कलेक्टर ने अधिकार अभिलेखों के निःशुल्क निष्पादन एवं पंजीयन की तैयारियों का लिया जायजा
धार ब्यूरो चीफ इकबाल खत्री
धार, 12 सितंबर 2026। मध्यप्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों के भू-खण्ड संबंधी अधिकारों को सुरक्षित करने तथा उन्हें संपत्ति का वैधानिक मालिकाना हक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026’ का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाएगा। योजना के अंतर्गत ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में स्वामित्व योजना से संबंधित अधिकार अभिलेखों के हस्तांतरण विलेख (डीड ऑफ कन्वेयंस) का निष्पादन एवं पंजीयन निःशुल्क किया जाएगा। योजना का क्रियान्वयन 17 सितंबर 2026 से प्रारंभ होगा।
इसी क्रम में धार कलेक्टर राजीव रंजन मीना, अपर कलेक्टर संजीव केशव पाण्डेय, संबंधित अनुविभागीय अधिकारी तथा राजस्व एवं पंचायत विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों ने ग्राम पंचायत उटावद में आयोजित प्री-कैंप का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने मौके पर अधिकार अभिलेखों के निष्पादन एवं पंजीयन की प्रक्रिया की जानकारी ली तथा मैदानी स्तर पर आने वाली तकनीकी एवं व्यावहारिक कठिनाइयों को समझा।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के क्रियान्वयन से पूर्व सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली जाएं। पंजीयन प्रक्रिया में आने वाली तकनीकी बाधाओं का तत्काल निराकरण करते हुए पात्र भू-खण्डधारियों को योजना का लाभ सहज रूप से उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने योजना की प्रक्रिया के संबंध में ग्रामीणों को जानकारी देने तथा व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए।
ड्रोन सर्वे से तैयार अभिलेखों को मिलेगा कानूनी आधार
स्वामित्व योजना के अंतर्गत ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में ड्रोन तकनीक से सर्वेक्षण एवं डिजिटल मानचित्रण कर भू-खण्डों के अधिकार अभिलेख तैयार किए गए हैं। इन अधिकार अभिलेखों के आधार पर हस्तांतरण विलेख का निष्पादन एवं पंजीयन होने से नागरिकों को अपनी संपत्ति का कानूनी एवं पंजीकृत मालिकाना हक प्राप्त होगा। स्पष्ट एवं डिजिटल अभिलेखों से संपत्ति संबंधी विवादों में कमी आने के साथ भू-खण्डधारियों के अधिकार अधिक सुरक्षित एवं सुदृढ़ होंगे।
MPeSEVA से घर बैठे कर सकेंगे आवेदन
स्वामित्व दस्तावेज पंजीयन की प्रक्रिया को नागरिक सुविधा आधारित बनाया गया है। भूस्वामी MPeSEVA एप के माध्यम से घर बैठे स्वामित्व दस्तावेज के लिए आवेदन कर सकेंगे। आवेदन का सत्यापन पटवारी द्वारा SAARA एप के माध्यम से किया जाएगा। सत्यापन के बाद दस्तावेज पंजीयन के लिए तहसीलदार को प्रेषित किए जाएंगे तथा तहसीलदार द्वारा SAMPADA एप के माध्यम से स्वामित्व दस्तावेज का पंजीयन किया जाएगा। जो भूस्वामी स्वयं आवेदन करने में सक्षम नहीं हैं, वे पटवारी के समक्ष उपस्थित होकर आवेदन प्रक्रिया पूर्ण करा सकेंगे।
निःशुल्क पंजीयन से संपत्ति बनेगी वित्तीय परिसंपत्ति
योजना के तहत ग्रामीण संपत्तियों के पंजीयन से संबंधित स्टाम्प शुल्क, पंचायत उपकर एवं अन्य पंजीयन शुल्क से संबंधित व्यय का वहन शासन द्वारा किया जाएगा। इससे ग्रामीण नागरिकों को बिना अतिरिक्त आर्थिक भार के अपनी संपत्ति का पंजीकृत दस्तावेज प्राप्त होगा।
पंजीकृत अधिकार अभिलेख उपलब्ध होने से भू-खण्डधारी अपनी संपत्ति के आधार पर बैंक ऋण प्राप्त करने में भी अधिक सुविधा महसूस करेंगे। वे गृह निर्माण, व्यवसाय प्रारंभ करने तथा अन्य आर्थिक आवश्यकताओं के लिए अपनी संपत्ति को वित्तीय परिसंपत्ति के रूप में उपयोग कर सकेंगे। पंजीकृत अभिलेखों के आधार पर बैंकिंग संस्थाओं को संपत्ति के स्वामित्व एवं मूल्य के आकलन में सुविधा होगी, जिससे ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया भी सुगम हो सकेगी।
जिले में विशेष अभियान चलाकर समय-सीमा में होगी कार्यवाही
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिले में विशेष अभियान चलाया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को पात्र भू-खण्डधारियों के दस्तावेजों के निष्पादन एवं पंजीयन की कार्यवाही निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए जाएंगे। अभियान के दौरान नागरिकों को आवेदन, सत्यापन एवं पंजीयन की प्रक्रिया की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी।





