जनसंपर्क खबर क्राइम ब्यूरो चीफ रफीक मंसूरी खरगोन
खरगोन।शुक्रवार को जमीयत उलेमा के बैनर तले समाज के प्रबुद्धजनों ने आपत्ति दर्ज कराई। कलेक्ट्रेट पहुंचे मुफ्ती, मौलानाओं ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर यूसीसी कानून को मौलिक अधिकारों, धार्मिक स्वतंत्रता का हनन करार देते हुए पुनर्विचार की मांग की है।जमीअत उलमा सदर हाफिज चांद, जनरल सेकेट्री मुफ्ती मुसअब जिलानी, जमीयत के हाजी जाकिर खान, मुफ्ती तारीक, हाफिज चांद खां, मुफ्ती कलीम, मोहम्मद सादिक, मो. जुबेर, हा. रियाज, मो. इरशाद आदि ने चेतावनी देते हुए कहा कि मुसलमान इस्लामिक शरियत से समझौता नहीं करेंगे और इसके खिलाफ लोकतांत्रिक व कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी।प्रदेश सरकार ने जो कानून बनाया है, यह इस्लाम और शरीयत के खिलाफ गया है। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ने जो संविधान बनाया था, हम उस पर अमल करते रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। लेकिन मौजूदा हुकूमत हमारे और इस्लाम के खिलाफ कानून बना रही है। यह सरकार मजहब की आजादी को खत्म कर रही है। ऐसा कानून हमें मंजूर नहीं है, जिससे उनकी धार्मिक स्वतंत्रता प्रभावित हो।





