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शासकीय उर्दू माध्यमिक विद्यालय क्र. 6 में हिन्दी शिक्षकों की पदस्थापना पर उठे सवाल, जमियत ने उर्दू विषय के शिक्षकों की नियुक्ति की मांग

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जनसम्पर्क खबर रफीक मंसूरी

खरगोन। शहर की सबसे पुरानी शासकीय उर्दू माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-6, खरगोन में उर्दू विषय के शिक्षकों की कमी को लेकर जमियत उलमा ए हिन्द, अभिभावकों, विद्यालय प्रबंधन समिति एवं उर्दू प्रेमी नागरिकों ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर विद्यालय में पदस्थ हिन्दी विषय के शिक्षकों का अन्य हिन्दी माध्यम विद्यालयों में स्थानांतरण करने तथा उनके स्थान पर उर्दू विषय के योग्य एवं प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया कि शासकीय उर्दू माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-6 पूर्णतः उर्दू माध्यम से संचालित विद्यालय है, जहां अध्ययनरत विद्यार्थियों की शैक्षणिक आवश्यकताओं को देखते हुए उर्दू विषय के शिक्षकों की आवश्यकता है। वर्तमान में विद्यालय में उर्दू विषय के शिक्षकों का अभाव है, जबकि हिन्दी विषय के शिक्षक पदस्थ हैं। इससे विद्यार्थियों को अध्ययन-अध्यापन में कठि नाइयों का सामना करना पड़ रहा है और शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।ज्ञापन के अनुसार विद्यालय में बसंती सोलंकी,अर्चना कोचले एवं रंजना मंडलोई हिन्दी विषय की शिक्षिकाएं पदस्थ हैं। उर्दू माध्यम विद्यालय में उर्दू विषय के शिक्षकों की अनुपलब्धता के कारण विद्यार्थियों को उनकी मातृभाषा में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिल पा रही है, जिससे उनके शैक्षणिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ज्ञापन में कहा गया है कि उर्दू माध्यम विद्यालयों की स्थापना का उद्देश्य विद्यार्थियों को उर्दू भाषा में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। ऐसे में उर्दू विषय के शिक्षकों के स्थान पर हिन्दी विषय के शिक्षकों की पदस्थापना विद्यालय के मूल उद्देश्य के विपरीत है। इसलिए हिन्दी विषय के शिक्षकों को उनकी योग्यता के अनुरूप अन्य हिन्दी माध्यम विद्यालयों में स्थानांतरित कर उनके स्थान पर उर्दू विषय के प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति की जाए।इस संबंध में जमीयत उलेमा-ए-हिंद इंदौर संभाग के अध्यक्ष मोहम्मद उमर कासमी ने कहा कि उर्दू माध्यम विद्यालयों में उर्दू विषय के शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना विद्यार्थियों के शैक्षणिक हितों के लिए आवश्यक है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए शीघ्र आवश्यक कार्रवाई की जाए। ज्ञापन की एक एक कॉपी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत खरगोन और सहायक आयुक्त महोदय जनजातिय कार्य विभाग खरगोन को भी दि गई है

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