देवास टोक खुर्द इस्लाम पटेल
टोंकखुर्द। तहसील क्षेत्र में इन दिनों बदमाशों का आतंक चरम पर है, जबकि स्थानीय पुलिस की सुस्ती चर्चा का विषय बनी हुई है। क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी और लूट की वारदातों का खुलासा न होने से आमजन में भारी आक्रोश है। स्थिति यह है कि ग्रामीण अब खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और पुलिस प्रशासन की “हाथ पर हाथ धरे बैठने” वाली कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं।
महीनों बीत जाने के बाद भी अमोना चोरी का खुलासा नहीं
मामला ग्राम पंचायत अमोना का है, जहाँ कई महीनों पहले चोरों ने धावा बोलकर लाखों रुपये के सामान पर हाथ साफ कर दिया था। ग्रामीणों ने समय पर टोंकखुर्द थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस कार्रवाई करने के बजाय केवल समय काट रही है, जिसके कारण चोर बेखौफ होकर खुलेआम घूम रहे हैं।
चिड़ावद में हथियारों की नोक पर हुई थी लूट
चोरों के दुस्साहस का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुछ दिन पहले आदर्श ग्राम चिड़ावद में भी एक बड़ी वारदात हुई थी। यहाँ बदमाशों ने महिला और पुरुष को चाकू और तलवार की नोक पर बंधक बनाकर लाखों की लूट की थी। इस सनसनीखेज मामले में भी टोंकखुर्द पुलिस अब तक किसी भी आरोपी को पकड़ने में नाकाम रही है।
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, एसडीएम को दिया ज्ञापन
पुलिस की इसी नाकामी और क्षेत्र में बढ़ती असुरक्षा के विरोध में ग्राम अमोना के ग्रामीण भारी संख्या में एसडीएम कार्यालय पहुंचे। यहाँ उन्होंने टोंकखुर्द पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और एसडीएम संजीव सक्सेना को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द चोरी की वारदातों का खुलासा किया जाए और क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाए।
”हमने मामले को संज्ञान में लिया है। पुलिस प्रशासन को सख्त निर्देश दिए जाएंगे कि पुरानी वारदातों का जल्द खुलासा हो। क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है।”
— संजीव सक्सेना, एसडीएम, टोंकखुर्द
ये रहे उपस्थित:
ज्ञापन देने वालों में मुख्य रूप से चुन्नीलाल, किशोर, अर्जुन, दिलीप, मानसिंह, रविंद्र सहित ग्राम अमोना के अनेक नागरिक मौजूद रहे।
जनता का सवाल: क्या टोंकखुर्द पुलिस किसी बड़ी वारदात के होने का इंतजार कर रही है ? आखिर कब तक कागजों में सिमटी रहेगी पुलिस की तफ्तीश ?





