NCORD की बैठक संपन्न: नकली शराब और प्रतिबंधित दवाओं के खिलाफ चलेगा विशेष अभियान
अलीराजपुर । युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने और नशे की प्रवृत्ति से उत्पन्न सामाजिक बुराइयों को जड़ से मिटाना जिला प्रशासन का मुख्य दायित्व है। यह बात कलेक्टर नीतू माथुर ने कलेक्टर कार्यालय में आयोजित नारकोटिक्स एवं अन्य नशीली दवाओं की रोकथाम (NCORD) की बैठक के दौरान कही। बैठक में नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने और विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विस्तृत चर्चा की गई।
शिक्षण संस्थानों के पास होगी कड़ी निगरानी
कलेक्टरमाथुर ने पुलिस और आबकारी विभाग को सख्त निर्देश दिए कि जिले के समस्त शिक्षण संस्थानों और शासकीय परिसरों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री करने वाले दुकानदारों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जाए। उन्होंने विशेष रूप से नकली शराब और ताड़ी के अवैध व्यापार पर लगाम लगाने के निर्देश दिए।
विभागों को सौंपे गए महत्वपूर्ण उत्तरदायित्व:
- सामाजिक न्याय विभाग: युवाओं को जागरूक करने के लिए शैक्षणिक संस्थाओं में शिविर लगाने और सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश।
- कृषि विभाग: ग्रामीण क्षेत्रों में निगरानी रखें कि कहीं भी नशीले पदार्थों का अवैध उत्पादन या अवैध खरीदी-बिक्री तो नहीं हो रही है।
- स्वास्थ्य विभाग: मेडिकल स्टोरों की नियमित जांच करें। शासन द्वारा प्रतिबंधित दवाइयां मिलने पर संबंधित फर्म के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
भगोरिया पर्व पर विशेष जागरूकता
आगामी भगोरिया पर्व को लेकर कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को स्वास्थ्य शिविर लगाने और महिला बाल विकास विभाग को बाल विवाह रोकथाम हेतु जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
पुलिस विभाग पूरी तरह मुस्तैद: एसपी
बैठक में पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह भदौरिया ने कहा कि जिले में नशीले पदार्थों की रोकथाम के लिए पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद है। शहरी और कस्बाई क्षेत्रों में निगरानी दल तैनात किए गए हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग द्वारा आमजन के साथ समन्वय स्थापित कर ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
बैठक में उपस्थिति: इस अवसर पर उप पुलिस अधीक्षक प्रदीप पटेल, नारकोटिक्स विभाग से आर.के. मीणा, आबकारी विभाग से बसंती भूरिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।





