शांति व्यवस्था भंग करने वालों की अब खैर नहीं; कलेक्टर नेहा मीना ने राज्य सुरक्षा अधिनियम के तहत की कार्रवाई
झाबुआ। झाबुआ जिले में असामाजिक तत्वों और आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी नेहा मीना ने जिले की कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 8 के अंतर्गत 16 व्यक्तियों के विरुद्ध जिला बदर की कार्यवाही हेतु सूचना पत्र (नोटिस) जारी किए हैं।
इन थाना क्षेत्रों के बदमाशों पर गिरी गाज: प्रशासन द्वारा जारी सूची के अनुसार, जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से संबंधित आदतन अपराधियों को नोटिस थमाए गए हैं:
- थाना पेटलावद: कैलाश उर्फ भोला भाटी, रामुनाथ कालबेलिया (बामनिया), मांगीलाल गरवाल और आरिफ भाटी।
- थाना झाबुआ: भारत उर्फ भारतसिंह भूरिया और फकरू बबेरिया।
- थाना मेघनगर: विशाल डामोर, सुदर्शन मचार और अरुण ओहारा।
- थाना काकनवानी: दिनेश भूरिया और दलसिंह उर्फ दलसुका वसुनिया।
- थाना रायपुरिया: राजू उर्फ राजेन्द्र राठौर।
- थाना थांदला: मुकेश मोरी और अशोक झोरिया।
- थाना कालीदेवी: परवल उर्फ अश्विन मेडा और नरवल मेडा।
पक्ष रखने का दिया अवसर जिला दंडाधिकारी द्वारा जारी इन सूचना पत्रों के माध्यम से सभी संबंधित व्यक्तियों को नियमानुसार अपना पक्ष प्रस्तुत करने का समय दिया गया है। उनके जवाब और साक्ष्यों के आधार पर प्रकरण में आगामी वैधानिक कार्यवाही (जिला बदर की अंतिम घोषणा) की जाएगी।
कलेक्टर नेहा मीना की इस त्वरित कार्रवाई से जिले के बदमाशों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शांति और सुरक्षा के साथ समझौता करने वालों के विरुद्ध ऐसी दंडात्मक कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।






