बिलाल खत्री
आलीराजपुर जिले के ग्राम पलसदा में 300 साल पुरानी परंपरा में बदलाव किया गया ग्रमीणों ने सामुहिक रूप से यह निर्णय लेते हुए गाँव की सुख समृद्धि के लिए नई रीति अपनाई। ग्रामीणों ने बाबा देव की 300 साल पुरानी मूर्तियों को बदलकर नई मूर्तियों का विधि विधान के साथ स्थापिट किया।
ग्रामवासियों के अनुसार समय के साथ समाज में बदलाव जरूरी हैं।नई पीढ़ी को बेहतर दिशा और परंपराओ में सकारात्मक सुधार लाने के उद्देश्य से यह फैसला लिया, और इस नई परंपरा के बाबादेव का विधि विधान से पूजन किया गया। गांव के हर परिवार ने इस पूजन में भाग लिया और गांव की सुख शांति स्मृद्धि ओर एकता के लिए प्रार्थना की।
बड़ी खट्टाली के सरपंच भाई चैनसिंह डावर ने बताया कि बुजुर्ग से चर्चा कर बाबादेव पूजन में नवाचार का प्रस्ताव रखा कर सभी की सहमति से पुराने पूजन सामग्री को सम्मानपूर्वक विसजिर्त कर नया शुद्धिकरण किया।
ग्रामीणों ने बताया के यहां एक ऐतिहासिक पहल
ग्रामीणों ने इस कदम को गांव के विकास की दिशा में एक साहसिक ओर ऐतिहासिक पहल बताया उनका मानना है कि यह निर्णय आने वाली पीढ़ियों को यह सदेश देगा कि परंपराए समाज की भलाई के लिए समय के साथ बदली जा सकती है।
ग्राम के बुजुर्गों ने बताया कि गांव में सुख शांति अच्छी फसल और खुशहाली के लिए सभी ग्रामवासी एकत्रित हुए और बाबादेव से सामुहिक मनोकामना की






