बिलाल खत्री
आलीराजपुर जिले के विकासखंड आलीराजपुर अंतर्गत ग्राम मालवई के किसान शंकर पिता उदेसिंह आज क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन गए हैं। पहले वे परंपरागत खेती करते हुए अपने खेत में सोयाबीन की फसल लिया करते थे, जिससे उन्हें मात्र 25 से 30 हजार रुपये की आमदनी होती थी।
उद्यान विभाग के अधिकारियों ने जब उन्हें शिमला मिर्च की आधुनिक खेती करने की सलाह दी तो शंकर ने इसे अपनाने का निश्चय किया। उन्होंने अपने 3 एकड़ खेत में आशा एफ-1 किस्म की शिमला मिर्च के 48,000 पौधे अगस्त माह में लगाए। इस पर ड्रिप सिस्टम, मल्चिंग, बीज, खाद एवं दवाइयों सहित लगभग 7 से 8 लाख रुपये का खर्च आया।
किसान शंकर ने बताया कि अब तक उन्होंने शिमला मिर्च की 6 से 7 बार तुड़ाई कर जिले के आसपास की मंडियों में विक्रय किया जिससे लगभग 4 से 4.5 लाख रुपये की आमदनी प्राप्त कर चुके हैं और उन्हें उम्मीद है कि मार्च माह तक कुल 10 से 12 लाख रुपये की आय होगी। इस तरह उन्हें पारंपरिक खेती की तुलना में कई गुना अधिक लाभ प्राप्त हो रहा है।
उद्यान विभाग के सहायक संचालक कैलाश चौहान ने बताया कि शंकर की इस सफलता को देखकर आसपास के 50 से अधिक किसानों ने उनके खेत का भ्रमण किया है और वे भी आगामी सीजन में अपने खेतों में शिमला मिर्च लगाने की योजना बना रहे हैं।
शंकर की यह पहल न केवल उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार ला रही है, बल्कि पूरे क्षेत्र के किसानों को आधुनिक तकनीकी खेती अपनाने की प्रेरणा दे रही है। शंकर ने किसानों को संदेश देते हुए कहा कि मेहनत और नवाचार से ही खेती में खुशहाली संभव है।






