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महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी व पर्यवेक्षकों की बैठक

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इक़बाल खत्री 

           सीएम हेल्पलाइन, प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना एवं लाड़ली लक्ष्मी योजनाओं की हुई समीक्षा

खरगोन। कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने 08 जनवरी को महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी व पर्यवेक्षकों की बैठक लेकर सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों, प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना एवं लाड़ली लक्ष्मी योजना के प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती भारती आवास्या, सहायक संचालक सुश्री मोनिका बघेल भी उपस्थित थी। 

सीएम हेल्पलाइन एवं समाधान ऑनलाइन एट्रीब्यूट की शिकायतों की बैठक में परियोजनावार समीक्षा की गई। इस दौरान अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि 100 दिन से अधिक की लंबित शिकायतों पर फोकस करें। शिकायतकर्ता से व्यक्तिगत संपर्क कर उसकी संतुष्टि के साथ शिकायत का निराकरण करें। शिकायतों के निराकरण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार व्यक्ति के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी। 

बाल विकास परियोजना अधिकारियोें का वेतन रोकने के निर्देश

प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि वर्ष 2024-25 में इस योजना के अंतर्गत 24 हजार 635 महिलाओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। माह दिसंबर तक 12 हजार 962 महिलाओं को लाभान्वित किया गया है। आनुपातिक रूप से लक्ष्य से बहुत कम महिलाओं को लाभान्वित किये जाने पर कलेक्टर द्वारा नाराजगी जाहिर की गई और निर्देशित किया गया कि जनकल्याण शिविरों में इस योजना के आनुपातिक लक्ष्य की शत प्रतिशत पूर्ति की जाए। इस योजना की कम प्रगति पर सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों का 100 प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण होने तक वेतन रोकने तथा उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए कि क्यों न उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए। 

लाड़ली लक्ष्मी योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि वर्ष 2024-25 में इस योजना के अंतर्गत जिले की 8799 बालिकाओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य है। इस लक्ष्य के विरूद्ध दिसंबर माह तक 5768 प्रकरण प्राप्त हुए हैं और 5615 प्रकरण स्वीकृत किये गए हैं। इस योजना में आनुपातिक लक्ष्य की कम प्रगति पर झिरन्या, बड़वाह एवं भगवानपुरा के बाल विकास परियोजना अधिकारी एवं पर्यवेक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। झिरन्या की बाल विकास परियोजना अधिकारी को सख्त हिदायत दी गई कि वह अपने मुख्यालय पर अनिवार्य रूप से रहना सुनिश्चित करें, अन्यथा उनके विरूद्ध कार्यवाही करने की चेतावनी दी गई। इस दौरान निर्देशित किया गया कि गांव में बालिका का जन्म होते ही उसकी समग्र आईडी पंचायत सचिव के माध्यम से बनवाई जाए। बालिकाओं के समग्र आईडी के लिए सभी पर्यवेक्षकों एवं आगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को पंचायत सचिव से संपर्क करने के निर्देश दिए गए।

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