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भावान्तर योजना का लाभ दिलाने के लिए ग्राम स्तर पर की जाए निगरानी कैबिनेट मंत्री चौहान कलेक्टर माथुर ने बताया कि योजना का समुचित क्रियान्वयन कराने के लिए विभिन्न समितियां का किया गठन

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बिलाल खत्री
आलीराजपुर मध्यप्रदेश शासन द्वारा सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए महत्वपूर्ण योजना लागू की है। इस योजना के तहत 3 अक्टूबर से किसानों के पंजीयन कार्य प्रारम्भ किये जा चुके है । ज्यादा से ज्यादा कृषकों को इस योजना से लाभांवित करने के लिए जिला स्तरीय बैठक का आयोजन कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान , सांसद अनिता चौहान , जिला पंचायत अध्यक्ष हजरी बाई खरत , जिला अध्यक्ष मकू परवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं जिले के कृषकों के साथ बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित की गई ।

कलेक्टर माथुर ने बताया कि पूर्व में व्यापारियों, किसान संघ के पदाधिकारियों और मंडी अधिकारियों के साथ बैठक की गई व्यापारियों और किसान संघ से भावान्तर योजना के पंजीयन, खरीदी और मॉडल रेट और एमएसपी रेट के बीच की राशि का भुगतान के सम्बंध में जानकारी दी। साथ ही उन्होंने किसानों के भुगतान को लेकर कहा कि ऑनलाइन भुगतान करने के आदेश जारी किए जा चुके है । इसके अलावा मॉडल रेट के विषय मे भी आवश्यक चर्चा की। भावांतर योजना को समुचित रूप से क्रियान्वित करने के लिए विभिन्न समितियां गठित की है। गठित समितियों को अलग अलग स्तर पर जिम्मेदारियां दी गई है। इन समितियों में कृषि व मंडी विभाग के अमले के साथ ही राजस्व अमला को भी दायित्व सौंपे जाएंगे ।

कृषि उप संचालक सज्‍जन सिंह चौहान ने आगामी दिनों में की जाने वाली कार्यवाही की जानकारी देते हुए बताया कि भावांतर योजना के तहत 17 अक्टूबर 2025 तक पंजीयन प्रक्रिया की जाएगी , 24 अक्टूबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक कृषक अपनी फसल मंडी में विक्रय कर सकेंगे जिले में पंजीयन केन्‍द्रों की स्‍थापना कर पंजीयन का कार्य किया जा रहा है । साथ ही ग्राम पंचायतों में आयोजित ग्राम सभा में कृषकों को भावांतर योजना से संबंधित जानकारी भी दी जा रही है ।

इस दौरान कैबिनेट मंत्री चौहान ने भावांतर योजना को कृषक हितैषी बताते हुए कहा कि इस योजना के माध्‍यम से शासन द्वारा कृषकों का सीधा लाभ मिलेगा, जिले में पंजीयन केंद्रों की संख्या बढ़ाने के लिए प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए । भावांतर के माध्यम से कृषकों को अपनी फसल का उचित मूल्‍य भी प्राप्त होगा साथ ही किसी कारणवश उनकी फसल का सही दाम नहीं मिलता है तो सरकार द्वारा निर्धारित अंतर राशि जो कि भावांतर योजना के माध्‍यम से सीधे कृषकों को दी जाएगी । इस दौरान उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कि अपने जमीनी अमले को निर्देशित करें कि अपने अपने कार्य क्षेत्र के कृषकों को अधिक से अधिक पंजीयन करने के प्रेरित करें साथ ही उन्हें इस योजना से मिलने वाले लाभ की विस्तृत जानकारी देवे।

इस दौरान कृषि विभाग , उद्यानिकी विभाग , सहकारिता विभाग आदि संबंधित विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे ।

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