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जनजातीय अंचल किसी तीर्थ से कम नहीं, चंद्रशेखर आजाद की जन्मभूमि पर मुख्यमंत्री ने किया नमन

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भाबरा की पावन धरती ने देश को चंद्रशेखर आजाद जैसा महानायक दिया : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

बिलाल खत्री
आलीराजपुर कृषक कल्याण वर्ष को समर्पित है बलराम कृषि महोत्सव मुख्यमंत्री आलीराजपुर को मुख्यमंत्री की बड़ी सौगात, रानी काजल माता लोक विकसित होगा जनजातीय बालिकाओं की शिक्षा को मिलेगा नया आयाम, कन्या शिक्षा परिसर में अतिरिक्त सीटों की घोषणा

सीप कल्टीवेशन और श्रीअन्न व्यंजनों की प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की 120वीं जयंती के अवसर पर आलीराजपुर जिले के चंद्रशेखर आजाद नगर (भाबरा) में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि जनजातीय अंचल किसी तीर्थ से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि भाबरा की पावन धरती पर अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद का जन्म हुआ था। वे ऐसे महानायक थे जिन्होंने जीवनभर अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष किया और देश की स्वतंत्रता में अभूतपूर्व योगदान दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी जनजातीय अंचल ने छितू किराड़, खाज्या नायक और टांट्या मामा जैसे वीर सपूत दिए, जिन्होंने अंग्रेजों की नाक में दम कर दिया और स्वतंत्रता संग्राम में अपने अद्वितीय साहस का परिचय दिया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर आलीराजपुर जिले में रानी काजल माता लोक विकसित किए जाने तथा जिले के चारों कन्या शिक्षा परिसरों में प्रत्येक परिसर में 200 अतिरिक्त सीटें बढ़ाने की घोषणा की। इससे कुल 800 नई सीटों की वृद्धि होगी और जनजातीय क्षेत्र की बालिकाओं को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा के अधिक अवसर उपलब्ध होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर, धार, झाबुआ और बड़वानी के बाद आज आलीराजपुर जिले में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव कृषक कल्याण वर्ष को पूर्णतः समर्पित है। इस अवसर पर उन्नत एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने वाले कृषकों को सम्मानित किया गया, ताकि अन्य किसान भी उनसे प्रेरणा लेकर आधुनिक एवं प्राकृतिक कृषि पद्धतियों को अपनाएं।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष कम वर्षा ने किसानों के सामने निश्चित रूप से चुनौतियां खड़ी की हैं, लेकिन प्रदेश का किसान हर कठिन परिस्थिति का साहसपूर्वक सामना करना जानता है। राज्य सरकार भी हर परिस्थिति में किसानों के साथ पूरी तत्परता से खड़ी है और उनकी हर संभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले में सिंचाई का रकबा बढ़ाने के उद्देश्य से डही उद्वहन सिंचाई योजना के अंतर्गत लगभग 11 हजार करोड़ रुपये की लागत से नर्मदा पाइपलाइन परियोजना का लोकार्पण इसी वर्ष दीपावली तक किया जाएगा, जिससे जिले के किसानों को व्यापक लाभ मिलेगा।उन्होंने बताया कि सोंडवा माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना के माध्यम से लगभग 70 हजार किसानों के 55 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का लगभग 50 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुपालन को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा 25 गायों की डेयरी इकाई स्थापित करने पर 10 लाख रुपये तक का अनुदान प्रदान किया जा रहा है, जिससे दुग्ध उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी।

उन्होंने आलीराजपुर जिले में हुए अधोसंरचनात्मक विकास की सराहना करते हुए कहा कि आज जिले में सड़कों का व्यापक विकास हुआ है। स्वामित्व योजना के तहत 10,136 लोगों को लाभान्वित किया गया है तथा 331 हितग्राहियों को भूखंड प्रदान किए गए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 90,124 पक्के आवास स्वीकृत किए गए हैं।

5,70,179 हितग्राहियों को निःशुल्क राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही किसान सम्मान निधि एवं लाड़ली बहना योजना का लाभ भी पात्र हितग्राहियों तक सुनिश्चित किया गया है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत 47 हजार किसानों को लाभ प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि आज जिले में 357 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया गया। शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 22 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण किया गया। वहीं, केवल भाबरा विकासखंड में ही 120 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 64 सड़कों का लोकार्पण किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सदैव किसानों के हित में कार्य कर रही है। युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रदेश में 85 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की मेडिकल कॉलेज की फीस का वहन राज्य सरकार द्वारा किया जाता है। साथ ही शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना, विद्यार्थियों को निःशुल्क साइकिल, गणवेश एवं पाठ्यपुस्तकों का वितरण भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश में सामाजिक समानता एवं समान नागरिक अधिकारों को सुदृढ़ करने की दिशा में विधानसभा में यूनिफॉर्म सिविल कोड (Uniform Civil Code) को पारित किया गया है।

अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री जन-जन की भावनाओं का सम्मान करने वाले संवेदनशील जननेता हैं। खराब मौसम होने कारणों से हवाई यात्रा संभव न होने के बावजूद मुख्यमंत्री जी ने जनता से किया अपना वादा निभाते हुए सड़क मार्ग से लंबी यात्रा तय की और आलीराजपुर पहुँचकर कार्यक्रम में सहभागिता की। चौहान ने कहा कि आलीराजपुर की जनता ने मुख्यमंत्री जी से जो भी माँगा, वह सब मिला है। मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं और क्षेत्र में नर्मदा जल पहुँचने से किसानों के खेत समृद्ध होंगे और आलीराजपुर की तकदीर और तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी।

मुख्यमंत्री बलराम कृषि महोत्सव में प्रगतिशील किसानों और मेधावी छात्रों का किया सम्मान

कार्यक्रम में जिले के उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रगतिशील किसानों तथा 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त करने वाले मेधावी छात्रों का विशेष रूप से सम्मान किया गया। बलराम कृषि महोत्सव का उद्देश्य किसानों को कृषि एवं कृषि से संबद्ध क्षेत्रों की नवीनतम तकनीकों, उन्नत कृषि पद्धतियों तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना रहा। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण भी किया गया।

इंफ्लूएंसर्स का किया सम्मान

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बलराम कृषि महोत्सव के अवसर पर सोशल मीडिया के माध्यम से जनजागरूकता, सकारात्मक संदेशों के प्रसार एवं जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में उल्लेखनीय योगदान देने वाले जिले के सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स का सम्मान किया। इस अवसर पर साक्षी भयडिया, प्रियंका तोमर, राजेंद्र वसुनिया, रीतेश राठौड़ एवं भरत सस्तिया को सम्मानित कर उनके कार्यों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल माध्यमों के जरिए समाज में सकारात्मक जागरूकता फैलाने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 303.34 करोड़ रुपये के 97 कार्यों का भूमिपूजन तथा 53.55 करोड़ रुपये के 76 कार्यों का लोकार्पण किया

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने अलीराजपुर प्रवास के दौरान जिले को विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी। उन्होंने विभिन्न विभागों के लगभग 303.34 करोड़ रुपये की लागत के 97 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इनमें लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क निर्माण, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत ग्रामीण संपर्क मार्गों का निर्माण, जनजातीय कार्य विभाग के नवीन हाई स्कूल भवन, जल संसाधन विभाग के बैराज निर्माण, मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के विद्युत उपकेंद्र, प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस के नवीनीकरण एवं नव-निर्माण कार्य सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा अन्य विभागों के विभिन्न निर्माण कार्य शामिल रहे। इन परियोजनाओं से जिले में सड़क संपर्क, शिक्षा, सिंचाई, विद्युत अधोसंरचना तथा ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने लगभग 53.55 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हुए 76 निर्माण एवं आधारभूत संरचना विकास कार्यों का लोकार्पण किया। लोकार्पित कार्यों में विद्युत विभाग के नवीन 33/11 केवी उपकेंद्र, शिक्षा विभाग के विद्यालय भवन, महिला एवं बाल विकास विभाग के आंगनवाड़ी भवन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अटल सेवा केंद्र, पुलिया, स्टॉप डैम, निस्तार तालाब, आरएमएस, नाली, पेवर ब्लॉक सहित अन्य ग्रामीण अधोसंरचना से जुड़े विकास कार्य शामिल रहे।

प्रदर्शनी का अवलोकन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने मत्स्य विभाग की सीप कल्टीवेशन संबंधी प्रदर्शनी को विशेष रुचि से देखा, जो आकर्षण का केंद्र रही। इसके साथ ही कृषि विभाग, आयुष विभाग, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन तथा महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मोटे अनाज (श्रीअन्न) से तैयार पौष्टिक एवं पारंपरिक व्यंजनों की आकर्षक प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने विभागों के नवाचारों एवं प्रदर्शित गतिविधियों की सराहना करते हुए संबंधित अधिकारियों और हितग्राहियों का उत्साहवर्धन किया।

इस अवसर पर अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान, सांसद अनीता चौहान जिला पंचायत अध्यक्ष हजरी बाई खरत , कलेक्टर नीतू माथुर, पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह भदौरिया एवं अन्य उपस्थित रहे ।

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