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ड्रॉपआउट विद्यार्थियों को पुनः शिक्षा से जोड़ने के लिए बड़वाह विकासखंड के प्रधान पाठकों की बैठक संपन्न

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खरगोन जिला ब्यूरो इक़बाल खत्री

शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के दिए निर्देश, शिक्षा की गुणवत्ता सुधार पर भी रहा जोर।

खरगोन । शाला त्यागी (ड्रॉपआउट) विद्यार्थियों को पुनः विद्यालयों से जोड़ने एवं उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा में लाने के उद्देश्य से मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत खरगोन मिलिंद कुमार नागदेवे की अध्यक्षता में बड़वाह विकासखंड के शासकीय एवं अशासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के प्रधान पाठकों की समीक्षा बैठक जिला पंचायत सभागृह में आयोजित की गई।

बैठक में सीईओ मिलिंद कुमार नागदेवे ने सभी प्रधान पाठकों से एक एक कर चर्चा करते हुए क्षेत्रवार ड्रॉपआउट विद्यार्थियों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रधान पाठक व्यक्तिगत रुचि लेकर प्रत्येक ड्रॉपआउट विद्यार्थी के अभिभावकों से सीधे संपर्क करें और बच्चों का विद्यालय में पुनः प्रवेश सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि ड्रॉपआउट बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा में वापस लाना केवल शासकीय दायित्व नहीं, बल्कि सामाजिक और राष्ट्रीय कल्याण का महत्वपूर्ण कार्य है। इसे पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ अभियान के रूप में संचालित करते हुए शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया जाए।

सीईओ ने निर्देश दिए कि विद्यालयों की प्रार्थना सभा में ड्रॉपआउट विद्यार्थियों के नाम उपस्थित विद्यार्थियों को बताए जाएं, ताकि उनके माध्यम से भी संबंधित परिवारों तक संदेश पहुंचे और बच्चों को पुनः विद्यालय लाने में सहयोग मिल सके।

बैठक में बताया गया कि 6,021 ड्रॉपआउट बच्चों का पुनः शाला प्रवेश निर्धारित समय-सीमा में सुनिश्चित किया जाना है। साथ ही जिले के अन्य विकासखंडों को भी इसी अवधि में लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में विभागीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए पाठ्यपुस्तक वितरण, साइकिल एवं छात्रवृत्ति स्वीकृति, “एक पेड़ मां के नाम” अभियान, शत-प्रतिशत प्रवेश एवं नामांकन, अतिथि शिक्षकों की समय पर नियुक्ति तथा शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया गया। कक्षा 01 से 08 तक के विद्यार्थियों में पढ़ना, लिखना, जोड़, घटाव, गुणा एवं भाग जैसी बुनियादी दक्षताओं के विकास के लिए प्रभावी प्रयास करने के निर्देश भी दिए गए।

इसके अलावा शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति (अटेंडेंस) नियमित रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए गए। जिन शिक्षकों को लोकेशन संबंधी तकनीकी समस्या आ रही है, उनके प्रस्ताव विकासखंड शिक्षा अधिकारी के माध्यम से जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय भेजने के लिए कहा गया।

बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी शैलेंद्र कुमार कानुडे, जिला परियोजना समन्वयक आनंद डावर, सहायक संचालक तेज सिंह राठौर, विकासखंड शिक्षा अधिकारी बड़वाह रेवाराम वर्मा, विकासखंड स्रोत समन्वयक मेवाराम बर्मन सहित शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं मैदानी अमला उपस्थित रहा।

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