शेख़ नसीम। भोपाल / मध्यप्रदेश के भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू किया गया है। इसके बावजूद राजधानी भोपाल में अपराधियों के हौसले बुलंद दिखाई दे रहे हैं। शहर में आए दिन मारपीट, हत्या, वाहनों में तोड़फोड़ और भीड़भाड़ वाले इलाकों में खुलेआम फायरिंग जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। इन घटनाओं के वीडियो भी सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रहे हैं, जिससे आम नागरिकों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।
जहां आमजन पुलिस की मौजूदगी से कानून का सम्मान करते हैं, वहीं कई बदमाश बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। हाल ही में थाना ऐशबाग क्षेत्र में हुए चर्चित दोहरे हत्याकांड ने भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बताया जा रहा है कि घटना के 15 से 20 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने आरोपियों की गिरफ्तारी में सहयोग देने वाले को 50 हजार रुपये के इनाम की घोषणा भी की है। इसके बावजूद अब तक हत्यारों का कोई ठोस सुराग पुलिस के हाथ नहीं लगा है।
लगातार बढ़ते अपराधों और चर्चित मामलों के अनसुलझे रहने से शहर की कानून-व्यवस्था को लेकर लोगों में चिंता बढ़ती जा रही है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस इस दोहरे हत्याकांड का खुलासा कब तक कर पाती है।





