कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी नेहा मीना ने आज जिला कार्यालय में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की, जिसमें जिले के जघन्य एवं सनसनीखेज प्रकरणों की प्रगति और शासकीय भूमि पर अवैध कब्जों से संबंधित मामलों की गहन समीक्षा की गई।
गंभीर अपराधों की विवेचना पर फोकस
कलेक्टर नेहा मीना ने विशेष रूप से जघन्य एवं सनसनीखेज गंभीर अपराधों की विवेचना में तत्परता लाने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस और अभियोजन अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि इन मामलों की विवेचना उच्च गुणवत्ता के साथ समय पर पूरी की जाए ताकि अपराधियों को जल्द से जल्द सजा दिलाई जा सके।
अवैध कब्जों और भू-माफियाओं के विरुद्ध कार्रवाई
बैठक में बिल्डरों, भू-माफियाओं और अन्य व्यक्तियों/संस्थाओं द्वारा शासकीय भूमि पर अवैध रूप से कब्जा किए जाने के मामलों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। कलेक्टर ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे शासकीय संपत्तियों पर हुए अवैध कब्जों को तत्काल हटाएँ और दोषियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
अभियोजन और विवेचना में लापरवाही पर सख्त रुख
कलेक्टर ने उन मामलों की भी समीक्षा की, जिनमें न्यायालय द्वारा प्रतिकूल निर्णय पारित किए गए हैं। उन्होंने विवेचना एवं अभियोजन अधिकारी के दायित्व निर्वहन में पाई गई त्रुटिपूर्ण कार्यवाही, प्रस्तुतीकरण एवं लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, जिससे शासकीय मामलों में शासन को नुकसान पहुंचे।
⏳ लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश
कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को पेंडिंग (लंबित) प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निराकृत किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि जिन प्रकरणों में संबंधित व्यक्ति के साक्ष्य लेना शेष हैं, उनके साक्ष्य लेकर शीघ्रता से प्रकरणों के निराकरण हेतु आगामी कार्यवाही की जाए।
बैठक में पुलिस अधीक्षक डॉ. शिवदयाल सिंह सहित संबंधित विभागों के सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। यह बैठक जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और शासकीय संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।






