खरगोन जिला ब्यूरो इक़बाल खत्री
खरगोन । कृषि अभियांत्रिकी विभाग द्वारा गत दिवस गोगावा विकासखण्ड के ग्राम उदयपुरा में कृषक अनोखीलाल सोलंकी के खेत पर फसल अवशेष प्रबंधन का प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर विभाग की ओर से मल्चर मशीन के माध्यम से कपास फसल के अवशेषों को खेत में मिलाने की प्रक्रिया का प्रदर्शन कृषकों के समक्ष किया गया। प्रदर्शन के दौरान कृषकों ने मल्चर मशीन द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की।
सहायक कृषि यंत्री मनीष मिश्रा ने कृषकों को संबोधित करते हुए कहा कि फसल अवशेषों को जलाने से मिट्टी में मौजूद उपयोगी सूक्ष्मजीव नष्ट हो जाते हैं, जिससे मिट्टी की उर्वरता कम होती है और वह धीरे धीरे कठोर एवं बंजर बनने लगती है। उन्होंने बताया कि फसल अवशेषों को जलाने से मिट्टी में पाए जाने वाले महत्वपूर्ण पोषक तत्व जैसे नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश, सल्फर तथा सूक्ष्म तत्व जैसे कॉपर, जिंक और मैंगनीज़ नष्ट हो जाते हैं। इसके अलावा इससे वायु प्रदूषण होता है, जो न केवल फसल उत्पादकता बल्कि मानव स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है। कृषि अभियांत्रिकी विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अपने खेतों में पराली या नरवाई में आग न लगाएँ, बल्कि फसल अवशेषों का जैविक तरीकों जैसे मल्चरिंग या कंपोस्टिंग के माध्यम से उचित प्रबंधन करें।






