जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक ली
जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण किया जाए. कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए. विभागीय वरिष्ठ अधिकारी इन परियोजनाओं को समय सीमा में पूर्ण करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें और प्रत्येक 15 दिन में कार्यों की समीक्षा करें. परियोजनाओं के कार्य का समय-समय पर भौतिक निरीक्षण भी किया जाए.
मंत्री सिलावट मंत्रालय में भोपाल कछार की निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं – राजगढ़ जिले की पार्वती-सुठालिया परियोजना, सीहोर जिले की कान्याखेड़ी मध्यम सिंचाई परियोजना, सीप अंबर फेस 1 एवं 2, विदिशा जिले की टेम मध्यम सिंचाई परियोजना तथा गुना जिले की ग्वालटोरिया मध्यम सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा कर रहे थे. इन परियोजनाओं पर रूपये 50 करोड़ से अधिक लागत आएगी. इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर राजगढ़, विदिशा एवं सीहोर ज़िलों में लगभग 1 लाख 50 हजार हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।
बैठक में जल संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री राजेश राजौरा, प्रमुख अभियंता श्री विनोद कुमार देवड़ा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कार्य से संबंधित निर्माण ऐजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।






