खरगोन जिला ब्यूरो इक़बाल खत्री
खरगोन। प्रत्येक मंगलवार को होने वाली जनसुनवाई की कड़ी में 26 अगस्त को कलेक्ट्रेट कार्यालय में जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इसमें जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आकाश सिंह, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती हेमलता सोलंकी, एसडीएम विजेन्द्र कटारे, डिप्टी कलेक्टर प्रताप कुमार आगास्या एवं अनिल जैन ने अन्य अधिकारियों के साथ आवेदकों की समस्याओं को सुना और संबंधित अधिकारियों को उनका त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में 82 आवेदक अपनी समस्याएं लेकर आए थे।
जनसुनवाई में कसरावद तहसील की ग्राम पंचायत सेलानी के जावद निवासी सुरजेश पिता इटिया आवास योजना की पहली किस्त दिलाने व जगह चयनित करने के नाम पर सचिव द्वारा 20 हजार रुपये मांगने की शिकायत लेकर आया था। सुरजेश का कहना है कि उनका नाम 10 माह पूर्व कुटीर सूची में आया था, पर पंचायत सचिव धमेंद्र उनसे रुपये देने पर ही योजना का लाभ दिलाने कहता है। सुरजेश का कहना है कि उसने कई बार फोन व व्यक्तिगत रूप से निवेदन किया, लेकिन सचिव रुपयों की ही मांग करता है। उसने इस बात की रिकॉर्डिंग होना भी बताया।
जनसुनवाई में ग्राम सिनगुन निवासी लखन मण्डलोई ने वाग्देवी स्कूल खरगोन पर उनके पुत्र मोक्ष मण्डलोई का नाम नहीं काटने की शिकायत लेकर आया था। लखन का कहना है कि मोक्ष 01 माह स्कूल गया था, लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक न होने से उन्होंने बेटे की पढ़ाई गांव के स्कूल से करवाई और वाग्देवी स्कूल से नाम काटने का निवेदन किया था। लेकिन संस्था ने फीस के लिए मोक्ष का नाम पोर्टल पर पहली कक्षा में प्रमोट कर दिया। इससे अब अन्य स्कूल में मोक्ष का प्रवेश नहीं हो पा रहा है। अतः मोक्ष का नाम वाग्देवी स्कूल से कटवाया जाए ताकि वे अन्य स्कूल में उसका एडमिशन करावा सकें।
बोरावां स्थित जवाहरलाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के आईटी शाखा के प्रथम वर्ष के छात्र देवेंद्र सोलंकी ने जनसुनवाई में शिकायत की है कि उनका छात्रवृत्ति आवेदन पत्र अभी तक स्वीकृत नहीं किया गया है। देवेंद्र का कहना है कि उसने वर्ष 2024-25 में कॉलेज में एडमिशन लिया था। उसने सभी आवश्यक जाति एवं प्रमाण-पत्र समय सीमा में जमा कर दिए थे। देवेंद्र का कहना है कि कॉलेज में उसके अन्य सहपाठियों के फार्म स्वीकृत हो चुके हैं, लेकिन उसका नहीं हुआ है और स्पष्ट जवाब भी नहीं मिल रहा है। अतः उसका छात्रवृत्ति फार्म शीघ्र भरने व स्वीकृत किया जाए। इसी प्रकार अन्य आवेदकों की समस्याओं को भी सुना गया।






