संभाग ब्यूरो बिलाल खत्री
बड़वानी वीर बलिदानी खाज्या नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सेंधवा में सोमवार से छात्राओं के लिए एक सप्ताहीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ हुआ। यह प्रशिक्षण 25 से 30 अगस्त तक जिला कार्यालय सेडमेप के माध्यम से आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का संचालन करते हुए पीएम ऊषा प्रभारी डॉ. दिनेश कनाड़े ने बताया कि यह प्रशिक्षण प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पीएम उषा) कम्पोनेन्ट-3 के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सीखी हुई कला कभी व्यर्थ नहीं जाती, बल्कि कठिन परिस्थितियों में सहायक सिद्ध होती है। आत्मरक्षा का उद्देश्य छात्राओं में जागरूकता और आत्मबल का विकास करना है।

इस अवसर पर सेडमेप जिला प्रभारी अरविंद चौहान ने कहा कि पढ़ाई-लिखाई के साथ-साथ छात्राओं का चहुंमुखी विकास भी आवश्यक है। शासन की योजना के अनुरूप ही इस प्रकार के प्रशिक्षण आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस शिविर से छात्राओं के मन में आत्मविश्वास और साहस का संचार होगा। क्रिड़ा अधिकारी डॉ. अविनाश वर्मा ने आत्मरक्षा को न केवल सुरक्षा बल्कि रोजगार का साधन भी बताया। उन्होंने छात्राओं से हमेशा जागरूक और सतर्क रहने की अपील की।
प्रभारी प्राचार्य डॉ. एम.एल. अवाया ने छात्राओं से उम्मीद जताई कि वे आत्मरक्षा की कला सीखकर अन्य छात्राओं के लिए प्रेरणा स्रोत बनेंगी। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए सेल्फ डिफेंस मार्शल आर्ट्स एकेडमी इंडिया के संचालक एवं मुख्य प्रशिक्षक सेंसई सुमित चौधरी (ब्लैक बेल्ट 4 डेन, कराते कोच) तथा सहयोगी महिला प्रशिक्षक राजेश्वरी सुमित चौधरी (ब्लैक बेल्ट) को आमंत्रित किया गया। प्रथम दिवस पर दोनों प्रशिक्षकों ने छात्राओं को फिटनेस के लिए आवश्यक एक्सर साइज करवाई और कराते के बेसिक मूव्स सिखाए। साथ ही आत्मरक्षा (कराते) के महत्व पर विस्तृत जानकारी देते हुए छात्राओं को प्रेरित किया कि “सबसे बड़ा विश्वास स्वयं पर करना चाहिए, किसी और पर नहीं।” उद्घाटन सत्र के पश्चात छात्राओं ने आत्मरक्षा की शुरुआती तकनीकें सीखकर उत्साह और आत्मविश्वास के साथ भाग लिया। अंत में कार्यक्रम का आभार डॉ. राहुल सूर्यवंशी ने व्यक्त किया। कार्यक्रम की जानकारी डॉ. विकास पंडित द्वारा दी गई।






