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कलेक्टर की अध्यक्षता में समय सीमा बैठक का आयोजन

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खरगोन जिला ब्यूरो इक़बाल खत्री

शिकायत निवारण में 85 प्रतिशत प्रगति करने के दिए निर्देश,
समय सीमा से अधिक आवेदन लंबित रखने पर लगेगी पेनल्टी,
नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन आवेदन 45 दिन से अधिक लंबित नहीं रखे जाएंगे

खरगोन। जिला कलेक्टर सुश्री भव्या मित्तल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट परिसर में समय सीमा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने सभी विभागों की लंबित शिकायतों व प्रकरणों की विस्तृत जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आकाश सिंह, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती हेमलता सोलंकी एवं समस्त एसडीएम उपस्थित थे तथा अन्य अधिकारी वीसी के माध्यम से जुड़े थे।

कलेक्टर सुश्री मित्तल ने सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के सम्बन्ध में अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभागों द्वारा शिकायत निवारण में 85 प्रतिशत प्रगति लाई जाए तथा 50 से अधिक दिवस से लंबित शिकायतों पर विशेष ध्यान दिया जाए। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि 50 दिवस से कम लंबित शिकायतों का फोर्स क्लोजर नहीं किया जाना है, अन्यथा संतुष्टि प्रतिशत कम हो जाएगा। उन्होंने बताया कि संतुष्टि बढ़ाने के लिए जिस सप्ताह में शिकायत प्राप्त होती है उसी सप्ताह उस पर काम शुरू कर दिया जाए। उन्होंने बताया कि विभागों द्वारा प्राप्त नई शिकायतों से बंद कराई शिकायते अधिक होने पर ही प्रगति पोजिटिव होगी। कलेक्टर ने नॉन अटेंडेंट शिकायतें पाए जाने पर अधिकारियों के एक दिवस का वेतन कटौती की चेतावनी भी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकसेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त आवेदन विधायी समय सीमा से अधिक लंबित पाए जाने पर तहसीलदार, सीएमओ और सीईओ पर प्रत्येक लंबित प्रकरण के गुणांक में पेनल्टी लगाई जाएगी, जो उनके वेतन से काटा जाएगा।

कलेक्टर सुश्री मित्तल ने सभी तहसीलदार को निर्देश दिए कि नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन जैसे प्रकरण में निराकरण का प्रतिशत बढ़ाया जाए और 45 दिवस से अधिक कोई प्रकरण लंबित नहीं रखा जाए। इन प्रकरणों में 10 से अधिक दिवस से पटवारी रिपोर्ट लंबित होने पर तहसीलदार द्वारा ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। नामांतरण के आदेशों की भाषा पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि अभिलेख दुरुस्ती और डायवर्सन के प्रकरण पर एसडीएम अधिकारियों द्वारा सक्रिय रूप से निगरानी की जाए। उन्होंने समूहबद्ध नामांकरण आवेदन पाए जाने पर तहसीलदार को विशेष कैम्प लगाने के निर्देश भी दिए।

कलेक्टर सुश्री मित्तल ने नगरीय निकाय आधिकारियों को निर्देशित किया कि पीएम आवास योजना 2.0 में समर्पण कर चुके हितग्राहियों से वसूली के लिए राजस्व अमले के साथ मिलकर कार्यवाही आगामी एक सप्ताह में पूरी कर ली जाए। 

बैठक में कलेक्टर ने सीएमएचओ से जानकारी प्राप्त की मेडलेपर पोर्टल पर एमएलसी दर्ज होने की क्या स्थिति है, सभी चिकित्सकों के पोर्टल के आईडी बन चुके हैं और पुराने लंबित प्रकरणों की क्या स्थिति है। उन्होंने विभाग की जननी सुरक्षा योजना, प्रसूति सहायता योजना, आयुष्मान कार्यक्रम और परिसर की सफाई से जुड़ी विभिन्न शिकायतों की समीक्षा की। उन्होंने सिकल सेल रोगियों की एचपीएलसी, दिव्यांग प्रमाण पत्र और पेंशन स्वीकृति की भी जानकारी प्राप्त की। जिला अस्पताल में वर्तमान में उपलब्ध 5 शव वाहन में से 1 वाहन झिरन्या और 1 वाहन भीकनगांव को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। 

बैठक में कलेक्टर सुश्री मित्तल ने पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण, अनुसूचित जनजाति कल्याण, उद्यानिकी, श्रम, सहकारिता, मत्स्य, वन, सामाजिक न्याय, खनन, स्कूल शिक्षा, लोक निर्माण, पालीटेक्निक, आईटीआई , हथकरघा, उद्योग, ऊर्जा और परिवहन के लंबित सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल संवर्धन कार्य, जल जीवन मिशन कार्य, ई केवाईसी सत्यापन, अनुग्रह सहायता, जाति प्रमाण पत्र आवेदन के निराकरण, हॉस्टल निरीक्षण, फसल बीमा योजना के अंतर्गत मुआवजा राशि अंतरण, इत्यादि की भी समीक्षा की। उन्होंने उच्च न्यायालय में लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की जिनमें जवाबदावा प्रस्तुत नहीं हुआ है।
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