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मुख्यमंत्री के नाम जिलाधीश को शोपा ज्ञापन

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संभाग ब्यूरो बिलाल खत्री

अलीराजपुर संपूर्ण मध्य प्रदेश में ओपीएस की मांग एवं ई अटेंडेंस के विरोध के साथ स्थानीय समस्या को लेकर ज्ञापन सोपा अलीराजपुर जिले मे भी जिलास्तर पर कलेक्टर अभय अरविंद बेडेकर को एनएमओपीएस ,प्रांतीय शिक्षक संघ के द्वारा सैकड़ो की संख्या में शिक्षकों ने एकत्रित होकर मौन रैली निकालकर संघ के जिला प्रदेश सचिव राजेशआर वाघेला के नेतृत्व में ज्ञापन सौंप कर इ अटेंडेंस को निरस्त करने की मांग की गई ज्ञपन का वाचन ओपीएस जिलाध्यक्ष सुरेंद्रसिंह चौहान ने किया ,वाघेला ने बताया ई अटेंडेंस व्यवस्था व्यावहारिक नहीं और मानवीय संवेदनाओं का भी ध्यान नहीं l


एक अगस्त से इंदौर सम्भाग के समस्त विद्यालयों में हमारे शिक्षक एप के माध्यम से शिक्षकों की ई अटेंडेंस व्यवस्था लागू करने के निर्देश के बाद शिक्षकों में रोष व्याप्त हो गया है। निर्देश के अनुसार यदि शिक्षक स्कूल खुलने और बंद होने के समय अपने मोबाइल से उपस्थिति दर्ज नहीं करा पाता है तो उससे बिना कोई स्पष्टीकरण लिए सीधे वेतन काटने की व्यवस्था बनाई गई है।

एक प्रकार से यह व्यवस्था मानवीय मूल्यों को दर किनार कर इलेक्ट्रॉनिक यंत्रों के हवाले कर दी गई है। मोटी तनख्याह लेने वाले उच्चाधिकारियों की कार्य शैली पर प्रश्न चिन्ह है।शिक्षकों का कहना है कि शहर के विद्यालयों को छोड़कर यदि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों विशेषकर ट्राइबल क्षेत्र के विद्यालयों पर गौर किया जाए तो 40 प्रतिशत से अधिक शिक्षक बहुत ही विपरीत परिस्थितियों में अपनी सेवाएं दे रहें हैं। आज भी शिक्षक ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षक आवास के अभाव के चलते पहाड़ी और दुर्गम रास्तों को पार अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

इन शिक्षकों को बच्चों को पढ़ाने के अलावा उनके आधार कार्ड, समग्र आई डी, अपार आई डी, जाति प्रमाण पत्र बनवाने, बैंक खाता खुलवाने उसमें सुधार करवाने, छात्रों के प्रोफाइल पंजीयन, मैपिंग, जैसे दर्जनों कार्यों के लिए विद्यालय से बाहर आए दिन दौड़ धूप करनी पड़ती है। बरसाती दिनों में नदी नाले में बाढ़ आदि का भी सामना करके स्कूल पहुंचना होता है। बहुत से दुरूह क्षेत्रों में आज भी मोबाइल में नेटवर्क नहीं मिलता है, ऐसे में शिक्षक द्वारा अपने मोबाइल से स्कूल खुलने और बंद होने के टाइम पर हाजिरी लगाना एक दम अव्यवहारिक है।

जहां शिक्षक अपने पढ़ाने के मूल कार्य के अतिरिक्त विद्यार्थियों के हित से जुड़े व्यक्तिगत कार्यों को भी पूर्ण कराता है, ऐसे में शिक्षकों के कार्यों का आकलन सिर्फ मशीनरी के द्वारा करना अनुचित और अन्याय पूर्ण है।
इस अवसर पर लाल लालसिंहडावर, रुमालसिह मौर्य, रमेश सोलंकी, अजय डावर, प्रेम सिह जामोद, धन्ना गाडरिया,अमनसिह चौहान, थानसिंह भयडिया, वालसिंह रावत ,कलसिह डावर, सुरला चौहान भगवती राठौड़, टीना वसुनिया ,वर्षा चौहान, सरिता शर्मा, पूर्णिमा व्यास, विद्या बन्दोड सहित बड़ी संख्या में शिक्षक साथी उपस्थित थे l

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