बिलाल खत्री
आलीराजपुर, शासकीय महाविद्यालय आलीराजपुर के ऑडिटोरियम हॉल में 71वे मध्यप्रदेश स्थापना दिवस समारोह गरिमामय ढंग से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अनुसूचित जाति कल्याण विभाग एवं कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान उपस्थित रहे। इस अवसर पर विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर समारोह को यादगार बनाया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर नीतू माथुर ने कहा कि मध्यप्रदेश प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक धरोहर, सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक स्थलों की दृष्टि से समृद्ध प्रदेश है। यहां पर्वत, पहाड़, हिल स्टेशन और प्राकृतिक पर्यटन के अनेक आकर्षक स्थल हैं। महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर और मैहर माता जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल प्रदेश की आध्यात्मिक पहचान हैं। उन्होंने कहा कि अपनी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को संरक्षित रखते हुए प्रदेश के विकास में योगदान देना हम सभी का दायित्व है।
कलेक्टर ने कहा कि किसी भी प्रदेश का वास्तविक विकास तभी संभव है, जब उसमें आमजन की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो। महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और शिक्षा सहित प्रत्येक क्षेत्र में सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। शासकीय योजनाओं का क्रियान्वयन पूरी संवेदनशीलता के साथ किया जाना चाहिए। प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी आमजन की समस्याओं को समझते हुए इस भावना से कार्य करें कि यदि वे स्वयं उस व्यक्ति की जगह होते तो किस प्रकार के सहयोग की अपेक्षा रखते।
मंत्री चौहान ने प्रदेश की गौरवशाली विरासत, समृद्ध संस्कृति, विकास यात्रा और विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प पर अपने विचार व्यक्त किए
कैबिनेट मंत्री नगर सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश स्थापना दिवस की प्रदेशवासियों एवं आलीराजपुर जिले के नागरिकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वर्ष 1956 में मध्यप्रदेश की स्थापना हुई थी और आज हम प्रदेश के 71वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं। हम सभी सौभाग्यशाली हैं कि मध्यप्रदेश जैसे शांतिपूर्ण, सुरक्षित और प्राकृतिक संपदा से परिपूर्ण प्रदेश में जन्म लिया है।
उन्होंने कहा कि आलीराजपुर जिला आदिवासी संस्कृति, परंपराओं और प्राकृतिक सौंदर्य की विशिष्ट पहचान रखता है। जिले ने विकास के क्षेत्र में निरंतर प्रगति की है। नर्मदा जल को आदिवासी किसानों के खेतों तक पहुंचाने सहित विभिन्न विकास कार्यों से जिले की तस्वीर बदलने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मंत्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया है। इसी दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी वर्ष 2047 तक विकसित मध्यप्रदेश बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। हमें भी संकल्प लेना होगा कि वर्ष 2047 तक आलीराजपुर जिले को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएं।
उन्होंने कहा कि केवल सरकार के संकल्प लेने से विकास संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। विकास की शुरुआत अपने घर और परिवार से करनी होगी। समाज में व्याप्त कुरीतियों और कमियों को दूर करना आवश्यक है। विशेष रूप से नशे की बढ़ती प्रवृत्ति चिंताजनक है। कम उम्र के बच्चे भी गुटखा, तंबाकू और अन्य नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं, जिससे उनका स्वास्थ्य और परिवार की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। हम सभी को संकल्प लेना चाहिए कि स्वयं नशे से दूर रहेंगे और दूसरों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करेंगे।
उन्होंने कहा कि जिले में मिशन 3D अभियान के माध्यम से जमीनी स्तर पर सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला है। इसी प्रकार दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने के लिए भी जनजागरण आवश्यक है। शिक्षा को विकास का आधार बताते हुए उन्होंने कहा कि जिले में 150 से अधिक छात्रावास संचालित हैं, जहां रहकर विद्यार्थी बेहतर शिक्षा प्राप्त कर अपना भविष्य संवार सकते हैं। शासन शिक्षा और विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। समाज की कमियों को दूर करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को आगे आना होगा। जब हमारा समाज सशक्त होगा, तभी जिला, प्रदेश और देश विकसित होगा।
क्विज प्रतियोगिता के विजेता किसानों को ट्रैक्टर, बुलेट एवं ई-स्कूटी के पुरस्कार
कार्यक्रम में किसान कल्याण विभाग के स्वाभिमान पर्व के तहत आयोजित क्विज प्रतियोगिता के विजेता कृषकों को पुरस्कृत किया गया। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले ग्राम वानाजा बयड़ा जोबट के कलम डुडवे को ट्रैक्टर की राशि का चेक एवं चाबी भेंट की गई ,द्वितीय पुरस्कार विजेता ग्राम चिखली, सोंडवा के किस्मत मंडलोई को बुलेट की राशि का चेक तथा तृतीय पुरस्कार विजेता ग्राम कालीखेतर, जोबट के कृषक को ई-स्कूटी की राशि का चेक भेंट किया गया।
मंत्री चौहान ने बताया कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा पहली बार इतने बड़े स्तर पर प्रदेश के कृषकों के लिए उपयोगी पुरस्कारों का वितरण किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता के माध्यम से प्रदेश के प्रत्येक जिले से तीन कृषकों का चयन किया गया है। इसका उद्देश्य किसानों को जागरूक करने के साथ उन्हें प्रोत्साहित करना है।
विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से बांधा समां
स्थापना दिवस समारोह में विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। कन्या शाला विद्यालय की छात्राओं ने ‘हिंदुस्तान का दिल देखो’ गीत पर मनमोहक प्रस्तुति दी। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बोरखड़ के विद्यार्थियों ने नशे के दुष्परिणामों पर आधारित प्रस्तुति देकर नशे से दूर रहने का संदेश दिया। बाहरपुरा शासकीय कन्या विद्यालय की छात्राओं ने आदिवासी लोकनृत्य प्रस्तुत कर जिले की समृद्ध जनजातीय संस्कृति की झलक दिखाई। हाई स्कूल भारत की चौकी के विद्यार्थियों ने ‘तेरा हिमालय आकाश चूमे’ गीत पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के अंत में सर प्रताप विद्यालय के विद्यार्थियों ने लोकनृत्य की प्रस्तुति दी।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष हजरी बाई खरत, जनप्रतिनिधि मकु परवल, रिंकेश तवर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत संघमित्रा गौतम, अपर कलेक्टर सोहन कनास, अनुविभागीय अधिकारी निधि मिश्रा सहित कृषि विभाग, शिक्षा विभाग एवं अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। इस दौरान कृषि विभाग द्वारा कृषकों को आधुनिक एवं जैविक कृषि के लिय प्रेरित करने के लिए प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया ।





