जिला संवाददाता : दिलीप पाटीदार राजगढ़
भगवान राम की शोभायात्रा से पहले ही शरारती तत्व ने रावण के पुतले में लगाई आग।
राजगढ़। धार जिले के राजगढ़ में इस बार दशहरे पर रावण का पुतला दहन से पहले ही चर्चा का विषय बन गया। नगर परिषद द्वारा बनाए गए रावण के पुतले की दुबली-पतली काया और टूटे अंगों को लेकर हिंदू उत्सव समिति ने अनूठे अंदाज में व्यंग्यात्मक ज्ञापन सौंपा। खास बात यह रही कि यह ज्ञापन किसी अधिकारी को नहीं, बल्कि सीधे रावण के पुतले को दिया गया।
हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष नीलेश सोनी, भाजपा पार्षद ऋतु नीलेश सोनी और भाजपा पार्षद प्रतिनिधि शंभू परवार ने रावण के पुतले को ज्ञापन सौंपकर नगर परिषद की व्यवस्था पर कटाक्ष किया।
ज्ञापन में लिखा गया कि विजयादशमी असत्य पर सत्य की जीत का पर्व है। इस अवसर पर राजगढ़ और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से हजारों लोग रावण दहन देखने पहुंचते हैं, लेकिन इस बार नगर परिषद द्वारा बनाए गए रावण के पुतले को देखकर चिंता हुई। पुतले का शरीर इतना दुबला-पतला है, मानो रावण ने महीनों से लंका में राशन ही नहीं लिया हो।
ज्ञापन में यह भी तंज कसा गया कि रावण के कान पहले ही काट दिए गए हैं, ताकि वह जनता की समस्याएं सुन ही न सके। वहीं, उसका हाथ टूटा हुआ है और पुतले के पिछले हिस्से में केवल चारा भरा गया है। समिति ने मांग की कि अगली बार कम से कम कान वाला और हट्टा-कट्टा रावण बनाया जाए, ताकि दशहरे का आयोजन अपने पूरे स्वरूप में नजर आए।
वहीं, दूसरी ओर घटना ने खड़े किए सवाल।
भगवान श्रीराम की शोभायात्रा पहुंचने से पहले ही किसी शरारती तत्व द्वारा रावण के पुतले में आग लगा दी गई, जिससे उसका समय से पहले ही दहन हो गया। इस घटना को लेकर चिंता जताई जा रही है। धार्मिक आयोजन के दौरान हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और आयोजन की तैयारियों पर भी सवाल खड़े किए हैं।
राजगढ़ में रावण को सौंपा गया यह व्यंग्यात्मक ज्ञापन जहां नगर परिषद की तैयारियों पर कटाक्ष करता नजर आया, वहीं शोभायात्रा से पहले रावण दहन की घटना ने पूरे मामले को और चर्चा में ला दिया।





