जिला संवाददाता : दिलीप पाटीदार अमझेरा
तीन चाँदी के छत्र, चाँदी का मुकुट व झुमके बरामद; वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और औजार भी जब्त
अमझेरा। धार जिले के दसाई क्षेत्र के जयंती माता मंदिर में हुई चोरी की वारदात का अमझेरा थाना क्षेत्र कि दसाई पुलिस चौकी ने महज 8 दिन में खुलासा कर दिया। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी किए गए चाँदी के 3 छत्र, 1 मुकुट और 1 जोड़ी चाँदी के झुमके बरामद किए हैं। चोरी में इस्तेमाल की गई हीरो स्प्लेण्डर मोटरसाइकिल और औजार भी पुलिस ने जब्त किए हैं।
थाना प्रभारी राजू मकवाना ने बताया कि 27 सितंबर 2026 को ग्राम जयंतीमाता स्थित मंदिर का ताला तोड़कर अज्ञात बदमाशों ने चाँदी का मुकुट, कंदोरा, झुमके, तीन छत्र और दानपेटी की नकदी चोरी कर ली थी। मामले में थाना अमझेरा में अपराध क्रमांक 324/2026 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक धार सचिन शर्मा के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पारुल बेलापुरकर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय डावर एवं एसडीओपी सरदारपुर विश्वदीप सिंह परिहार के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी अमझेरा राजू मकवाना के नेतृत्व में विशेष गठित टीम ने लगातार आरोपियों की तलाश की। 7 अक्टूबर को मुखबिर की सूचना पर मांगोद-कानवन रोड स्थित भरावदा फाटे से संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपियों ने मंदिर में चोरी करना स्वीकार किया, जिसके बाद तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपी
मगरसिंह पिता जालमसिंह मेडा, उम्र 40 वर्ष
नूरसिंह उर्फ नूरू पिता जालमसिंह मेडा, उम्र 30 वर्ष
बाजू उर्फ बहादूर पिता वालसिंह सप्निया, उम्र 31 वर्ष
तीनों आरोपी ग्राम चुन्पिया आम्बापुर, थाना टाण्डा, जिला धार के निवासी बताए गए हैं।
कंदोरा बेचने के लिए दिया, आरोपी फरार
पुलिस जांच में सामने आया कि चोरी का एक चाँदी का कंदोरा नूरसिंह निवासी बड़कच्छ को बेचने के लिए दिया गया था। उक्त आरोपी फिलहाल फरार है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी और कंदोरे की बरामदगी के लिए प्रयास कर रही है।
उक्त कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक राजू मकवाना, उप निरीक्षक दिनेशसिंह यादव, प्रधान आरक्षक मेहरबानसिंह गुर्जर, प्रधान आरक्षक भारतसिंह बामनिया, प्रधान आरक्षक मन्नुसिंह भूरिया, प्रधान आरक्षक अमित पाठक, आरक्षक रमेश भोसले, सैनिक जितेन्द्रसिंह, महिला आरक्षक मंजू देवदा सहित सायबर सेल प्रभारी भुपेन्द्र खरतिया, प्रधान आरक्षक सर्वेशसिंह सोलंकी, आरक्षक मनीष पाल, आरक्षक भानूप्रतापसिंह, आरक्षक प्रशांत, आरक्षक रोहित नरगावे एवं नगर रक्षा समिति सदस्य महेश सोलंकी की महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही।





