बिलाल खत्री
आलीराजपुर में श्री लक्ष्मीनृसिंह मन्दिर में दिनांक 18 अगस्त मंगलवार से 30 अगस्त रविवार तक हिंडोला महोत्सव मनाया जा रहा है। इसके अंतर्गत 21 अगस्त शुक्रवार को झुला महोत्सव में अनंत विभूषित श्री श्रीवत्सपीठाधीश्वर स्वामी श्री वेंकटेशाचार्यजी महाराज का सानिध्य प्राप्त हुआ। शाम 7 बजे हनुमंत कृपा सुन्दरकाण्ड मंडल द्वारा मंदिर प्रांगण में शानदार भजनों की प्रस्तुति दी गई। ‘‘मेरी लाज रखना‘‘, ‘‘मां बाप को मत भुलना‘‘ व ‘‘पूण्य किये तुमने‘‘ जैसे भजनों से माहोल भक्तिमय हो गया। रात्रि 10 बजें महाआरती के साथ महाप्रसादी का वितरण हुआ।
हिन्डोला महोत्सव श्रावण के दौरान मन्दिर के आराध्य देव को सजाये हुए झुले (हिन्डोले) में विराजमान कराने एवं झुलाने का धार्मिक उत्सव है। हिन्डोला का अर्थ होता है ‘झुला‘। झुले को फुल बंगले से सजाया जाता है। श्रद्धालु भगवान को बारी-बारी से झुलाते है।
इस उत्सव की परंपरा को वृंदावन में श्रीकृष्ण और गोपीयों द्वारा झुला झुलाने की कथा से जोड़ा जाता है। मीडिया प्रभारी कृष्णकान्त बेड़िया ने बताया कि पूरे मन्दिर को फुल बंगले से सजाया गया। शनिवार को भी रात्रि मंे भजन संध्या का आयोजन किया गया। उत्सव में पूरे नगर के महिला, पुरूष सहित सेंकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। सभी को गुरूदेव वेंकटेशाचार्यजी महाराज ने आशीर्वाद प्रदान किया।





