पेयजल संकट से निपटने के लिए पीएचई और नगर निगम अलर्ट; ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत नदियों के संरक्षण की बनी योजना
भोपाल। राजधानी में भू-माफियाओं और अवैध निर्माणकर्ताओं के खिलाफ जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। सोमवार को आयोजित समय-सीमा पत्रों (TL) की समीक्षा बैठक में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने सभी एसडीएम को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्रों में अवैध निर्माण के विरुद्ध तत्काल और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने विशेष रूप से भोपाल की धरोहर बड़े तालाब के कैचमेंट एरिया और आसपास हो रहे अवैध निर्माणों पर कड़ी निगरानी रखते हुए उन्हें ध्वस्त करने के निर्देश दिए।
नदियों और जल संरचनाओं का होगा कायाकल्प
कलेक्टर ने ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ को जनसहभागिता के माध्यम से परिणाममुखी बनाने पर जोर दिया। जिले की जीवनदायिनी नदियों बेतवा और कोलांस सहित अन्य प्रमुख जल स्रोतों के संरक्षण के लिए अलग से कार्ययोजना तैयार की गई है। पुरानी जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार और मरम्मत कार्य को प्राथमिकता के आधार पर शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
गर्मी में पेयजल और अग्नि सुरक्षा पर फोकस
- पेयजल आपूर्ति: नगर निगम और जिला पंचायत को निर्देशित किया गया कि ग्रीष्मकाल में पानी की निरंतर आपूर्ति बनी रहे। ग्रामीण क्षेत्रों में समस्या आने पर पीएचई (PHE) अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचकर समाधान करेंगे।
- फायर सेफ्टी: ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए अग्नि सुरक्षा प्रबंधन और खेतों में पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए निर्धारित एसओपी (SOP) का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है।
गेहूं उपार्जन और सीएम हेल्पलाइन
समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने खरीदी केंद्रों पर बारदान, तौल कांटा और भंडारण की व्यवस्था समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। वहीं, सीएम हेल्पलाइन में 50 और 100 दिवस से अधिक लंबित शिकायतों का शीघ्र निराकरण कर जिले की ग्रेडिंग सुधारने का लक्ष्य दिया गया। ‘संकल्प से समाधान’ अभियान के तहत जिला और विकासखंड स्तर पर शिविर लगाकर पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने की बात कही गई।
बैठक में इनकी रही उपस्थिति
बैठक में जिला पंचायत सीईओ इला तिवारी, एडीएम सुमित पांडेय, अंकुर मेश्राम, समस्त एसडीएम सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे।






