देजा-झगड़ा, दारू और डीजे पर नियंत्रण के लिए एकजुट हुआ आदिवासी समाज; शादियों में चांदी के सीमित उपयोग पर हुई चर्चा
खट्टाली/आलीराजपुर। आदिवासी बहुल आलीराजपुर जिले में इन दिनों ‘मिशन D3’ (देजा-झगड़ा, दारू और डीजे) को लेकर व्यापक स्तर पर सामाजिक सुधार का अभियान जारी है। इसी कड़ी में खट्टाली क्षेत्र के करीब 11 गांवों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें समाज में व्याप्त बुराइयों को मिटाने और आगामी शादी के सीजन के लिए नए नियम लागू करने पर गहन मंथन हुआ।

मिशन D3 के सकारात्मक परिणाम बैठक में उपस्थित ग्राम पंचायतों के सरपंचों, ग्राम पटेलों और चौकीदारों ने विगत वर्ष के सकारात्मक परिणामों पर खुशी व्यक्त की। बताया गया कि डीजे, अत्यधिक शराब का सेवन और देजा-झगड़ा जैसे विवादों पर रोक लगाने से समाज में एक नई चेतना का जन्म हुआ है। अब महिलाएं, युवा और बुजुर्ग सभी आगे आकर इन बुराइयों को जड़ से मिटाने का प्रयास कर रहे हैं।
चांदी के बढ़ते भावों ने बढ़ाई चिंता बैठक के दौरान एक नया संकट भी चर्चा का विषय रहा। वह है चांदी के आसमान छूते भाव। वक्ताओं ने बताया कि चांदी के बढ़ते दाम आदिवासी समाज की शादियों के बजट पर भारी पड़ रहे हैं। इससे निपटने के लिए निर्णय लिया गया कि शादी-ब्याह में चांदी के आभूषणों और चांदी के उपयोग को सीमित करने की दिशा में समाज को जागरूक किया जाए।
कड़ाई से पालन की अपील समीक्षा बैठक में उन गांवों को विशेष रूप से चिन्हित किया गया, जहां सामाजिक नियमों के बार-बार उल्लंघन की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। ऐसे गांवों में निगरानी बढ़ाने और जल्द ही विशेष बैठकें आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। समाज के जागरूक नागरिकों ने अपील की है कि इस वर्ष भी नियमों का पूरी कड़ाई से पालन किया जाए ताकि आर्थिक बोझ और सामाजिक विवादों से मुक्ति मिल सके।

इनकी रही मुख्य भूमिका बैठक में खट्टाली क्षेत्र के जागरूक जिम्मेदार लोग, ग्राम पटेल, चौकीदार और 11 गांवों के प्रतिनिधि शामिल हुए, जिन्होंने मिशन D3 को इस वर्ष और अधिक प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने का संकल्प लिया।





