भोपाल। राजधानी की हबीबगंज पुलिस द्वारा हाल ही में पकड़े गए 70 लाख रुपये की चोरी के मामले में, आरोपियों द्वारा अपनाए गए शातिराना तरीके ने सबको चौंका दिया है। पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ है कि फरियादी के घर के केयर टेकर (देखरेखकर्ता) ने ही चोरी की पूरी योजना बनाई और उसे अंजाम दिया।
गुप्त लॉकर की जानकारी से शुरू हुई वारदात

यह पूरी वारदात गुप्त लॉकर की जानकारी पर टिकी थी। पुलिस के अनुसार, इस चोरी के मुख्य आरोपी सोहित नामदेव उर्फ कल्लू (22 वर्ष) ने पूर्व में फरियादी मनीष ब्यौहार के घर पर केयर टेकर के रूप में काम किया था। इसी दौरान सोहित ने फरियादी को अपने बुकशेल्फ के बीच बने गुप्त लॉकर को खोलते हुए देख लिया था, जिसमें उन्होंने करोड़ों रुपये के हीरे-सोने के जेवरात रखे थे।
वर्तमान केयर टेकर के साथ मिलकर रची साजिश
वर्तमान केयर टेकर रवि सोनी (27 वर्ष) को सोहित उर्फ कल्लू ने अपने साथ मिला लिया। सोहित ने रवि को लॉकर और घर के लेआउट की पूरी जानकारी दी। दोनों ने मिलकर चोरी की विस्तृत योजना बनाई।
ड्यूटी के दौरान खोला गया रास्ता
चोरी की वारदात को अंजाम देने के लिए, आरोपी रवि सोनी ने अपनी ड्यूटी का फायदा उठाया। दिनांक 29 जुलाई 2025 को जब रवि सोनी अपने साथी केयर टेकर विक्की सोनी के साथ ड्यूटी पर था, तब उसने मकान के प्रथम तल का दरवाजा खोल दिया। यह दरवाजा खुला रखने से उन्हें रात में प्रवेश करने में आसानी हो गई।
रात में बाउंड्री वॉल कूदकर प्रवेश
उसी रात, आरोपी सोहित उर्फ कल्लू अपने साथी रवि सोनी के साथ मौके पर पहुंचा। उन्होंने घर की बाउंड्री वॉल और रेलिंग का सहारा लिया और सीधे मकान के प्रथम तल में प्रवेश किया, जिसका दरवाजा रवि सोनी ने पहले ही खोल दिया था। आसानी से अंदर प्रवेश करने के बाद, उन्होंने गुप्त लॉकर को निशाना बनाया और उसमें रखे हीरे, सोने-चांदी के आभूषण और लाखों रुपये की नकदी चोरी कर ली।
चोरी के पैसों से खरीदा आईफोन
वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी भोपाल से फरार हो गए और अपने गृह जिले गुना में जाकर छिप गए। रवि सोनी ने चोरी के मशरूके में से 2 लाख रुपये अपने बड़े भाई राजू सोनी को दिए। रवि सोनी ने चोरी के इन पैसों से आईफोन भी खरीदा था। हबीबगंज पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तीनों आरोपियों को गुना से गिरफ्तार किया और उनके पास से लगभग 70 लाख रुपये का चोरी किया गया माल बरामद किया है।
इस सफलता में थाना प्रभारी निरीक्षक संजीव चौकसे के नेतृत्व वाली टीम का सराहनीय योगदान रहा।






