खरगोन जिला ब्यूरो इक़बाल खत्री
कलेक्टर द्वारा की गई जिले के प्रतिभाओं के साथ बैठक
खरगोन । कलेक्टर भव्या मित्तल की अध्यक्षता में 03 अक्टूबर को जिला पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद जिला खरगोन की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई। इस दौरान कलेक्टर भव्या मित्तल द्वारा जिले के निमाड़ी कलाकारों, साहित्यकारों, लेखक, गायक, मुद्रा संग्राहक आदि के साथ बैठक आयोजित कर उन्हें पर्यटन के कार्याें से जोड़ने तथा पर्यटन विभाग द्वारा संपादित निर्माण कार्याे जैसे अहिल्या लोक एवं अन्य समस्त स्थलों पर उनकी सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु चर्चा की गई।
बैठक में बताया गया कि जिले में पर्यटन विभाग द्वारा संपादित हो रहे निर्माण कार्याें में जिले की विभिन्न प्रतिभा अपने कौशल का उल्लेख करा सकते हैं। विभाग का उद्देश्य निमाड़ी अथवा अन्य समस्त प्रकार की जिले की प्रतिभाओं के कला-कौशल के प्रदर्शन के साथ विलुप्त होती हुई संस्कृति, धरोहरों, कलाओं का संरक्षण हो सके। इस विषय में चर्चा परिचर्चा बैठक के लिए महेश्वर स्थित पर्यटक सुविधा केन्द्र का उपयोग किया जा सकता है।
बैठक में पद्मश्री से विभूषित जगदीश जोशीला द्वारा निमाड़ी बोली के उन्नयन के लिए निमाड़ में संत सिंगाजी सृजन पीठ एवं निमाड़ी अकादमी की स्थापना हेतु अनुरोध पत्र कलेक्टर को सौंपा गया है। विरासत प्रबंधक गौरव मण्डलोई द्वारा निमाड़ी पगड़ी की जानकारी देते हुए मिनियेचर/स्मृति चिन्ह छोटी पगड़ी बनाकर जिले के प्रस्तावित अहिल्या लोक एवं संग्रहालय में रखने का आग्रह किया है। मुद्रा संग्राहक मिलन महाजन ने कहा कि आगामी समय में होने वाले सिंहस्थ के समय सिंहस्थ सर्किट में स्थित महेश्वर नगर में मुद्रा प्रदर्शनी लगायी जाने का आग्रह किया है।
बैठक में उपस्थित रजनी उपाध्याय द्वारा निमाड़ क्षेत्र के विभिन्न मांडने एवं माटीकला से निर्मित मूर्तियों की जानकारी के साथ संग्रहालय में रखने का आग्रह किया है। हरीश दुबे साहित्यकार, विजय जोशी, हरीवल्लभ शास्त्री, मनीषा शास्त्री द्वारा निमाड़ी गायन एवं हमारी संस्कृति को सहेजने के बारे में अपने विचार व्यक्त किए। प्रोफेसर सेवंती डावर कन्या महाविद्यालय द्वारा भीली भाषा, बारेली भाषा एवं अन्य स्थानीय आदिवासी बोलियों के उपर कार्य करने एवं उनके द्वारा प्रकाशित पेपर की जानकारी से सदन को अवगत कराया गया। ताराचंद यादव द्वारा निमाड़ के लोकगीत, कलगी तुर्रा, काठी नृत्य के बारे में जानकारी देते हुए विलुप्त होती हुई इस कला को सहेजने हेतु प्रयास करने का उल्लेख किया है। दिलीप कर्पे कवि एवं लेखक द्वारा नवम्बर से फरवरी तक आयोजित होने वाली नर्मदा परिक्रमा के समय परिक्रमा मार्गाे पर परिक्रमावासियों हेतु सुविधाएं विकसित करने का अनुरोध किया है। साहित्यकार राकेश राणा द्वारा जिला पत्र लेखक परिषद की जानकारी एवं उपलब्धि से सदन को अवगत कराया गया।
अध्यक्ष एवं कलेक्टर भव्या मित्तल द्वारा भविष्य में बनने वाले अहिल्या लोक, गीता भवन, टेक्सटाईल्स विलेज केरियाखेड़ी एवं अन्य निर्माण कार्याे की जानकारी समीक्षा करते हुए सदन को अवगत कराया कि भविष्य में बनने वाले इन संरचनाओं में कलाकारों हेतु ओपन स्काय थियेटर उपलब्ध कराया जायेगा। जिलास्तर से भविष्य में एक समयसारणी तैयार की जायेगी जिसके अनुसार समस्त कलाकारों को प्रस्तुति के अवसर प्रदान किए जायेंगे।
बैठक मे मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत आकाश सिंह, डीएटीसीसी नोडल अधिकारी नीरज अमझरे उपस्थित रहे।






