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कलेक्टर ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों की बैठक

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               खाद्यान्न वितरण एवं गेहूं उपार्जन की समीक्षा की

इक़बाल खत्री 

       खरगोन। कलेक्टर सुश्री भव्या मित्तल ने 07 फरवरी को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर उचित मूल्य दुकानों से खाद्यान्न वितरण एवं समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए की जा रही तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  आकाश सिंह, जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी  भारत सिंह जमरे, जिला सहकारी केन्द्रिय बैंक के सीईओ अनिल कानुनगों, उपायुक्त सहकारिता  काशीराम आवासे, तथा मार्कफेड एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारी उपस्थित थे। 

बैठक में कलेक्टर सुश्री मित्तल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उचित मूल्य दुकानों से वितरण किये जाने वाले खाद्यान्न का हर माह की 07 तारीख तक अधिक से अधिक उठाव हो जाना चाहिए। जिन हितग्राहियों को खाद्यान्न प्राप्त हो रहा है, उसकी शत प्रतिशत मोबाइल सीडिंग की जाए। भगवानपुरा, खरगोन एवं झिरन्या विकासखण्ड में 75 प्रतिशत से कम हितग्राहियों की मोबाइल सीडिंग पाये जाने पर इसे शीघ्रता से शत प्रतिशत करने के निर्देश दिए गए। इसके लिए जिन स्थानों पर मोबाइल नेटवर्क मिलता है, वहां पर हितग्राहियों को ले जाकर मोबाइल सीडिंग कराने कहा गया। इसी प्रकार हितग्राहियों की शत प्रतिशत ई-केवायसी करने के निर्देश दिए गए। ई-केवायसी के लिए ग्राम स्तर पर शिविर लगाने का कहा गया। मृत हो चुके एवं विवाह होकर दूसरे गांव में जा चुकी बालिकाओं के नाम हितग्राहियों की सूची से हटाने के निर्देश दिए गए।  

कलेक्टर सुश्री मित्तल ने निर्देशित किया कि जिन उचित मूल्य दुकानों के सेल्समैन खाद्यान्न वितरण में संतोषजनक कार्य नहीं कर रहे हैं, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए। जिन सहकारी समितियों के पास एक से अधिक उचित मूल्य दुकानें हैं और जिनका संचालन ठीक से नहीं हो रहा है, उन दुकानों को आजीविका मिशन के स्व सहायता समूहों को आवंटित करने के निर्देश दिए गए। राशन आपके द्वार योजना एवं अन्य दूत योजना के अंतर्गत खाद्यान्न वितरण करने वाले वाहनों में जीपीएस लगा होना चाहिए और ग्राम पंचायत के सरपंच से इसका सत्यापन कराने को कहा गया है। इस दौरान बताया गया कि राशन आपके द्वार योजना के अंतर्गत 21 वाहनों द्वारा 379 स्थानों पर खाद्यान्न का वितरण किया जा रहा है। इसी प्रकार अन्न दूत योजना में 25 वाहन लगे हुए हैं। 

समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन की तैयारियों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर सुश्री मित्तल ने अधिक से अधिक किसानों का शीघ्रता से पंजीयन कराने एवं शासकीय गोदाम स्तर पर गेहूं खरीदी की तैयारी करने के निर्देश दिए। इस दौरान बताया गया कि खरगोन जिले में किसानों के पंजीयन के लिए 71 केन्द्र बनाएं गए हैं। इन केन्द्रों पर अब तक 201 किसानों का पंजीयन हो चुका है। किसान अब बिना गिरदावरी के भी अपना पंजीयन करा सकते हैं। वर्ष 2024 में जिले में 12 हजार 274 किसानों ने समर्थन मूल्य पर गेहूं बिक्री के लिए अपना पंजीयन कराया था और इसमें से 136 किसानों ने 846 मेट्रिक टन गेहूं विक्रय किया था। जिले में मक्का, चना एवं अन्य उद्यानिकी फसलों की ओर किसानों का रूझान बढ़ने के कारण एवं मण्डी में गेहूं का अधिक दाम मिलने के कारण किसान समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय में कम रूचि दिखाते हैं। 

बैठक में बताया गया कि जिले में 344847 परिवारों में 15.53 हितग्राही शामिल है। जिनमें से 3.97 लाख हितग्राही ईकेवायसी से शेष होकर ईकेवायसी 74 प्रतिशत हो गई है। इस संबंध में जहां ईकेवायसी का प्रतिशत कम है उन विकासखण्डों में अनुविभागीय अधिकारी (रा.) से समन्वय स्थापित कर उचित मूल्य दुकानों के विक्रेताओं की बैठक आयोजित कर शेष रहे हितग्राहियों की ईकेवायसी अभियान चलाकर शतप्रतिशत ईकेवायसी कराना सुनिश्चित करे।

जिले में कुल-344847 परिवार प्रचलित होकर 15 हजार के लगभग परिवारों का मोबाईल सीडिंग शेष होकर मोबाईल सीडिंग 95 प्रतिशत है। जिन विकासखण्डों में मोबाईल सीडिंग का प्रतिशत कम है उन विकासखण्डों की उचित मूल्य दुकानो के विक्रेताओं निर्देशित कर कैंप आयोजित शेष मोबाईल सीडिंग शतप्रतिशत कराने के निर्देश दिये गये है तथा ऑफलाईन उचित मूल्य दुकानों के विक्रेताओं को नेट कनेक्टिवीटी क्षेत्र में जाकर मोबाईल सीडिंग करे।

सार्वजनिक, वितरण प्रणाली अंतर्गत 70 प्लस  वाले हितग्राही, एक सदस्य, दो सदस्य, 07 से 10 तक सदस्य वाले परिवार, 10 से अधिक सदस्य वाले परिवार, सभी सदस्य 18 वर्ष से कम उम्र के परिवार एवं सभी सदस्य 80 वर्ष से अधिक उम्र के परिवार का सत्यापन कर अपात्रा पाये गये हितग्राहियों को पोर्टल से विलोतिप करने के निर्देश दिए गए। 

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अंतर्गत सम्मिलित पात्र परिवारों को वितरण के लिए आवंटित खाद्यान्न, शक्कर एवं नमक के पीओएस में दर्शित स्टॉक एवं उचित मूल्य दुकान पर उपलब्ध भौतिक स्टॉक का सत्यापन कर कम पाए गए स्टॉक के कारणों को ज्ञात कर नियमानुसार वसूली की कार्यवाही सुनिश्चित करें। इसके लिए संपूर्ण जांच का इंतजार ना करे जो जांच हो चुकी है उसमें नियमानुसार आगामी कार्यवाही सुनिश्चित कराई जावे। सीएम हेल्पलाईन की समीक्षा में जिन कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारियों की शिकायतें अधिक है उन्हें बंद कराने के लिए निर्देशित किया गया है।

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