जिला ब्यूरो इक़बाल खत्री
सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के संतुष्टिपूर्वक बंद कराने पर दे ध्यान: कलेक्टर
खरगोन। कलेक्टर सुश्री भव्या मित्तल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट परिसर में समय सीमा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने सभी विभागों की लंबित शिकायतों व प्रकरणों की विस्तृत जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आकाश सिंह, अपर कलेक्टर श्रीमती रेखा राठौर, डिप्टी कलेक्टर विजेन्द्र कटारे एवं सभी एसडीएम उपस्थित थे। जबकि अन्य अधिकारी वीसी के माध्यम से जुड़े थे।
कलेक्टर सुश्री मित्तल ने सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के सम्बन्ध में राजस्व, लोक स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा नगरीय निकाय तथा आवास विभागों को निराकरण में और प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 50 दिन से अधिक लंबित शिकायतें प्राथमिकता पर बंद की जाएं। कलेक्टर ने सभी एसडीएम, सीएमओ, सीएमएचओ और बीएमओ को निर्देशित किया कि सभी शिकायतकर्ताओं से व्यक्तिगत रूप से मिलकर शिकायतें संतुष्टि से बंद करवाई जाएं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग में संतुष्टि प्रतिशत में कमी के कारण झिरन्या, सनावद, बड़वाह, भीकनगांव और भगवानपुरा बीएमओ के विरुद्ध नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि इस माह के अंत तक जनपद पंचायतों की 85 प्रतिशत से कम प्रगति होने पर सभी सीईओ को भी नोटिस जारी किए जाएंगे। मुख्यमंत्री संबल योजना के पंजीयन आवेदन लोकसेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत 7 दिन की विधायी समय सीमा से अधिक लंबित पाए जाने पर तहसीलदार पर प्रत्येक लंबित प्रकरण के गुणांक में रुपए 10 हजार तक पेनल्टी लगाए जाने के निर्देश दिए, जिसका कटौत्रा उनके वेतन से किया जाएगा।
जिले के अन्य विभागों में पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण, अनुसूचित जनजाति कल्याण, उद्यानिकी, श्रम, सहकारिता, मत्स्य, वन, सामाजिक न्याय, खनन, स्कूल शिक्षा, लोक निर्माण, पालीटेक्निक, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, इत्यादि के लंबित सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों की भी समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने नगर पालिकाओं को स्थानीय जनप्रतिनिधियों से समन्वय कर 16 से 27 अगस्त के बीच गृह प्रवेश कार्यक्रम आयोजित करने और पीएम आवास योजना शहरी 2.0 के अंतर्गत अनुमोदित आवेदन की जिओ टैगिंग शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने एसडीएम को समग्र ई केवाएसी के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, छात्रवृत्ति, खाद्य, अनुसूचित जनजाति विभागों के समन्वय से जनपद स्तर पर कैम्प आयोजित करने के निर्देश दिए। वही जिले में लंबित विभागीय जांच तथा उच्च न्यायालय में लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की जिनमें जवाबदावा प्रस्तुत नहीं हुआ है।






