प्रस्तुतियां देखने उमड़े दर्शक शिवडोले में पंजाबी साहित्य अकादमी की प्रस्तुति को मिली सराहना
जिला ब्यूरो इक़बाल खत्री
खरगोन। धर्म के साथ लोक संस्कृति को सहेजे शहर में निकले 57वें शिवडोले में पंजाब के भांगड़ा और गिद्दा नृत्य से सांस्कृतिक विरासत तो खालसा युद्ध कला की हैरत- अंगेज प्रस्तुतियों ने सिक्ख समाज के शौर्य और वीरता का परिचय दिया। नृत्य और युद्ध कला के दलों की प्रस्तुतियों को देखने हजारों की संख्या में दर्शक मंच के सामने जुटे रहे। 12 सदस्यीय दल ने खालसा युद्ध कला की प्रस्तुतियों में वीरता, साहस और धार्मिकता का प्रदर्शन कर अदम्य साहस और बलिदान को दर्शाया।
शहर के सनावद रोड़ पर एसडीओपी कार्यालय के सामने पंजाब साहित्य अकादमी मध्यप्रदेश शासन संस्कृति विभाग के मंच पर सुबह 11 बजे से देर शाम तक चली इन प्रस्तुतियों ने शिवभक्तों के उत्साह को दोगुना कर दिया। अकादमी समन्वयक कमलजीत सिंह गांधी ने बताया भांगड़ा और गिद्दा पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा हैं और इन नृत्यों की जीवंत प्रस्तुतियों ने देश की सांस्कृतिक विरासत है तो वही खालसा युद्ध कला सिक्ख समाज के गुरुओं के बलिदान और शौर्य का प्रतीक है। के साथ ही अनेकता में एकता के संदेश को बढ़ावा दिया है।
अकादमी के निदेशक सरदार इंद्रजीत सिंह खनूजा ने बताया अकादमी के द्वारा पंजाबी संस्कृति को प्रदेश में जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रदेश के बड़े उत्सव शिवडोला में पंजाब की सुरजीत गतका स्पोट्र्स क्लब एवं दिल्ली की मुंडे भंगड़े दे टीम द्वारा प्रस्तुतियों का आयोजन किया गया था।उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सभी समाजों में आपसी समरसता बनाए रखने एवं संघ के विचारों को मूर्त रूप देने हेतु यह आयोजन किए जा रहे हैं।आयोजन में स्वामी डॉ. रामेश्वरानंदजी हरी अंतरराष्ट्रीय संत प्रमुख पुष्कर राज बतौर मुख्यातिथि उपस्थित रहे। भगवान श्री सिद्धनाथ महादेव के दर्शन, आशीर्वाद प्राप्त कर पुष्प वर्षा से भव्य स्वागत किया। श्री खनूजा ने सफल आयोजन हेतु जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, मंदिर समिति, शिवडोला समिति एवं समस्त सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
आयोजन में सार्वजनिक श्रावण मास शिवडोला उत्सव समिति एवं श्री गुरुसिंघ सभा का विशेष सहयोग रहा। सभा के संरक्षक मंजीत सिंह चावला, प्रधान हरचरण सिंह भाटिया, लंगर कमेटी प्रधान जसबीर सिंह भाटिया, सोनू भाटिया, राजा भाटिया, परमीत सिंह भाटिया सहित शिव डोला समिति के अध्यक्ष नवनीत भंडारी, संरक्षक मनोहर भावसार, सचिव विनीत महाजन आदि का सराहनीय योगदान रहा।






