संवाददाता : दिलीप पाटीदार रिंगनोद ( सरदारपुर )
रिंगनोद। राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर संकट मोचन हनुमान मंडल, रिंगनोद द्वारा शनिवार, 15 अगस्त 2026 को श्री शिव शक्ति अंबिका मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक एवं राष्ट्रीय वार्षिक महोत्सव का आयोजन किया गया। यह आयोजन प्रत्येक मंगलवार नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा किए जा रहे हनुमान चालीसा पाठ के सफलतापूर्वक तीन वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में कष्टभंजन हनुमान मंदिर, दाहोद के शास्त्री श्री शांतिप्रिय दास जी के रिंगनोद प्रथम आगमन पर नगर में विभिन्न स्थानों पर भक्तों एवं सामाजिक संगठनों द्वारा भव्य एवं आत्मीय स्वागत किया गया। विद्युत ग्रिड के समीप गोमुख धाम वनवासी मंडल, गुमानपुरा रोड पर छात्रावास के बच्चों, भारत माता एवं अन्नपूर्णा मंदिर के भक्तों, गढ़ी वाले हनुमान भक्तों, बस स्टैंड पर संकट मोचन भक्त मंडल, टंकी क्षेत्र में मारुति नंदन भक्तों, सदर बाजार में श्री श्याम सार्वजनिक गौशाला समिति के सदस्यों एवं श्री राम बिसा ग्रुप सहित विभिन्न संगठनों ने पुष्पवर्षा कर, शाल-श्रीफल भेंट कर गुरुदेव का स्वागत किया।
डीजे एवं ढोल की धुन पर भक्तों ने नृत्य करते हुए जयकारे लगाए। नगर में जगह-जगह हुए स्वागत से वातावरण भक्तिमय एवं उत्साहपूर्ण हो गया। मेन चौपाटी पर हिंदू उत्सव समिति द्वारा विशेष स्वागत किया गया, जहां राष्ट्रीयता से ओतप्रोत कार्यक्रम आयोजित हुए। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रभक्ति के संदेशों ने आयोजन को विशेष स्वरूप प्रदान किया।
मंदिर पहुंचकर किया पूजन-वंदन
शास्त्री शांतिप्रिय दास जी के श्री शिव शक्ति अंबिका मंदिर पहुंचने पर माता जी, भगवान भोलेनाथ, हनुमान जी एवं भारत माता का पूजन-वंदन किया गया। इस अवसर पर शांतिलाल हामड़ द्वारा गुरुदेव का पग प्रक्षालन किया गया।
इसके पश्चात शिव शक्ति अंबिका गरबा मंडल, शिव भक्त भजन एवं सुंदरकांड मंडल, पत्रकार संघ, भागवत ज्ञान गंगा समिति, चारभुजा मंडल सहित विभिन्न संगठनों एवं भक्त मंडलों द्वारा गुरुदेव का स्वागत किया गया।
मोबाइल की गुलामी से बचें, संस्कारों से जुड़ें : शांतिप्रिय दास
स्वागत कार्यक्रम के बाद शास्त्री शांतिप्रिय दास जी ने उपस्थित बच्चों एवं जनसमुदाय को करीब डेढ़ घंटे तक संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज के समय में इंसान मोबाइल का गुलाम होकर रह गया है। सुबह उठते ही व्यक्ति सबसे पहले अपने मोबाइल की बैटरी चेक करता है, जबकि हमारी भारतीय संस्कृति हमें दिन की शुरुआत ईश्वर स्मरण और सकारात्मक विचारों के साथ करने की सीख देती है।
उन्होंने कहा कि सुबह उठकर सर्वप्रथम अपनी हथेली के दर्शन करते हुए “कराग्रे वसते लक्ष्मी, कर मध्ये सरस्वती, करमूले तु गोविंदः प्रभाते करदर्शनम्” मंत्र का स्मरण करना चाहिए। मंत्रों में शक्ति होती है और भारतीय संस्कृति में जीवन को संस्कारवान बनाने की अद्भुत परंपरा रही है।
गुरुदेव ने कहा कि हम सभी बड़े भाग्यशाली हैं कि हमने धर्म और संस्कृति की भूमि भारत में जन्म लिया है। प्रत्येक व्यक्ति को गर्व होना चाहिए कि “मैं भारतीय हूं, सनातनी हूं और मेरा राष्ट्र भारत है।” जिस देश में बड़े-बड़े साधु, संत, महात्मा और क्रांतिकारी जन्मे, ऐसे महान राष्ट्र को सदैव नमन करना चाहिए।
अपने विस्तृत उद्बोधन में उन्होंने हिंदू संस्कृति, सनातन परंपरा, देशभक्ति, राष्ट्रप्रेम तथा बच्चों को संस्कारवान बनाने जैसे विषयों पर प्रकाश डाला। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को भारतीय संस्कृति, धर्म, सेवा, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति के संस्कार देने का आह्वान किया।
तीन वर्ष की हनुमान भक्ति यात्रा का हुआ सम्मान
सुबह से ही नगर के विभिन्न संगठनों के सदस्य गुरुदेव के प्रथम आगमन एवं धार्मिक-राष्ट्रीय कार्यक्रम की तैयारियों में जुटे रहे। शाम 6 बजे शिव भक्त सुंदरकांड मंडल द्वारा रामचरितमानस का श्रावण मास का संगीतमय मास पारायण पाठ किया गया।
इस अवसर पर गुरुदेव के सानिध्य में कष्टभंजन समिति के 35 सदस्यीय भक्तों द्वारा संकट मोचन हनुमान मंडल के नन्हे-मुन्ने बच्चों को कष्टभंजन हनुमान देव की प्रतिमा भेंट की गई। साथ ही बच्चों को दुपट्टा पहनाकर उनका सम्मान किया गया। तीन वर्षों से प्रत्येक मंगलवार नियमित रूप से हनुमान चालीसा पाठ करने वाले बच्चों के लिए यह सम्मान विशेष उत्साहवर्धक रहा।
पुलिस प्रशासन का रहा सराहनीय सहयोग
कार्यक्रम के दौरान पुलिस चौकी रिंगनोद प्रभारी जितेन्द्र सिंह नरवरिया दलबल के साथ मौजूद रहे। आयोजन के दौरान व्यवस्था एवं सहयोग के लिए गुरुदेव ने पुलिस प्रशासन का धन्यवाद ज्ञापित किया।
विभिन्न सेवाओं में श्रद्धालुओं ने लिया लाभ
कार्यक्रम में महाप्रसादी का लाभ उषा ठाकुर द्वारा, फलाहारी का लाभ अर्जुन गेहलोत द्वारा तथा मिष्ठान का लाभ चारभुजा भक्त मंडल पैदल यात्रा संघ द्वारा लिया गया।
कार्यक्रम में पूजन कार्य पंडित गिरिराज व्यास ने संपन्न कराया। कार्यक्रम का संचालन गौरव जोशी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन सेवानिवृत्त अध्यापक दिनेश चंद शर्मा ने व्यक्त किया।





