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नरवाई जलाने पर जिला प्रशासन सख्त, अर्थदंड की कार्रवाई जारी

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धार ब्यूरो चीफ इकबाल खत्री

पर्यावरण संरक्षण हेतु किसानों से अपील—फसल अवशेष न जलाएं, वैकल्पिक उपाय अपनाएं

धार, 01 अप्रैल 2026। जिले में वर्तमान में किसानों द्वारा नरवाई (फसल अवशेष) जलाने की घटनाएं बड़ी संख्या में सामने आ रही हैं, जिन्हें सैटेलाइट के माध्यम से भी दर्ज किया गया है। यह कृत्य Air (Prevention and Control of Pollution) Act, 1981 एवं राष्ट्रीय हरित अधिकरण के दिशा-निर्देशों के विपरीत है।


जिला प्रशासन द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत पहले ही प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर किसानों को अवगत एवं सचेत किया जा चुका है। साथ ही मैदानी स्तर पर लगातार समझाइश भी दी जा रही है, इसके बावजूद गेहूं फसल की कटाई के पश्चात अवशेष जलाने की घटनाएं लगातार हो रही हैं, जिससे वायु प्रदूषण बढ़ रहा है तथा मिट्टी की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।


इसी क्रम में 31 मार्च 2026 को जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीम द्वारा क्षेत्र में निरीक्षण किया गया। ग्राम गुणावद एवं मिर्जापुर में कई किसानों को नरवाई जलाते हुए पाया गया। मौके पर पहुंचकर उप संचालक कृषि, तहसीलदार, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, पटवारी एवं कोटवार की उपस्थिति में फायर ब्रिगेड द्वारा आग बुझाई गई तथा संबंधित किसानों के विरुद्ध पंचनामा तैयार कर नोटिस जारी किए गए। उनके विरुद्ध अर्थदंड की कार्रवाई की जा रही है।
प्रशासन द्वारा बताया गया कि नरवाई जलाने से भूमि की उर्वरता एवं जैविक कार्बन में कमी आती है तथा जिंक, बोरॉन, मैंगनीज जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। इसके अलावा वायु प्रदूषण के कारण मानव स्वास्थ्य एवं पर्यावरण को गंभीर खतरा होता है। खेतों में कीट एवं रोगों का प्रकोप बढ़ने के साथ ही आग से खेत की मेड़, वृक्ष एवं पशुधन को भी नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है।
किसानों को फसल अवशेष के बेहतर प्रबंधन हेतु विभिन्न वैकल्पिक उपाय अपनाने की सलाह दी गई है, जिनमें अवशेष से कम्पोस्ट या जैविक खाद बनाना, पशु चारे के रूप में उपयोग, मल्चिंग के माध्यम से नमी संरक्षण तथा रोटावेटर, हैप्पी सीडर, रिवर्स प्लॉउ एवं मल्चर जैसे कृषि यंत्रों से अवशेष को मिट्टी में मिलाना शामिल है।
जिला प्रशासन ने सभी किसान भाइयों से अपील की है कि वे नरवाई न जलाएं और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करें। साथ ही चेतावनी दी गई है कि नरवाई जलाने पर 2500 रुपए से 15000 रुपए तक का अर्थदंड अधिरोपित कर कार्रवाई की जाएगी।

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