गुरू का स्मरण भी पूजा के समान – मनोज साधु
धार ब्यूरो चीफ इकबाल खत्री
गुरू के आदर्शों का अनुसरण शिष्यों को सफल बनाता है -गोपाल सोनी
महाशिवरात्रि पर्व निर्वाण को प्राप्त गुरुओं को समर्पित किए श्रद्धासुमन
बांटे फल – दूध और बिस्किट
कुक्षी – गुरू शिव स्वरूप होते हैं जिनका आदर्श अपनाकर शिष्य शीर्षस्थ स्थान पाते हैं । शिष्य साधक बनकर गुरू के पदचिह्नों पर चलकर जीवन को सफल बनाते हैं । उक्त विचार पण्डित मनोहर मंडलोई ने गुरूजी सेवा संस्थान कुक्षी के द्वारा शिवरात्रि पर्व पर स्व.गुरुजी कालूराम सोनी के निर्वाण अवसर तथा स्व. श्रीकृष्णदास साधु के अवतरण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किए ।

इस अवसर पर स्व. रामेश्वर सोनी दादू का पुण्य स्मरण करते हुए तीनों दिव्यात्माओं को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए । कार्यक्रम में मनोज साधु , गोपाल सोनी , एडवोकेट राजेन्द्र गुप्ता , भूपेन्द्र वर्मा व रवीन्द्र जैन रूपम ने गुरू को शिव स्वरूप आत्म निर्माण का प्रवक्ता बताया । श्रद्धांजलि कार्यक्रम के पश्चात गुरूजी सेवा संस्थान के मोहनलाल सोनी , मनीष सोनी , प्रवीण सोनी , निर्मल सोनी , राजू सोनी , संतोष सोनी , देवेन्द्र सोनी , गिरधर सोनी , शैलेश सोनी , शिवम् सोनी , डॉ. निर्मल कुमार पाटीदार , मनीष भावसार , देवेन्द्र जैन , आशीष परसाई , पं. कमल रावत , दीपक मोड़े आदि के साथ सिविल हॉस्पिटल कुक्षी के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. नितीन पाटीदार व स्टॉफ के साथ लगभग 70 रोगियों व अटेंडर को फल, दूध तथा बिस्किट का वितरण किया गया । इस अवसर पर सिल्कुआ स्थित अनाथ आश्रम के बच्चों को भी दूध, फल व बिस्किट वितरित किए गए । गुरूजी सेवा संस्थान के प्रमुख मनीष जसमतिया ने सेवा संस्थान के उद्देश्य पर प्रकाश डाला तथा सेवा प्रकल्पों के माध्यम से मानव सेवा के ध्येय को लक्ष्य में रखने की बात कही तथा सभी के प्रति आभार व्यक्त किया ।





